दाे गुटाें के लाेगाें ने फाेन पर एक-दूसरे काे चैलेंज दिया। तैश में आकर बताए ठिकाने पर पहुंचे, जहां एक युवक की गुप्ती से वार कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने चार लाेगाें काे राउंडअप किया है। सीओ सदर पवन कुमार भदाैरिया ने बताया कि शिवबाड़ी में बसंत टाइल्स फैक्ट्री के पास रहने वाले आकाश वाल्मीकि और मंजू काॅलाेनी निवासी गणेश वाल्मीकि में रंजिश चल रही थी।
गुरुवार की रात काे दाेनाें की फाेन पर बात हुई और एक-दूसरे काे चैलेंज दिया। पहले भारत बेकरी और फिर शिवबाड़ी में ही गाेगामेड़ी के पास स्थित परचून की दुकान के पास मिलना तय हुआ। आकाश वहां पहुंचा ताे पहले से तैयार युवकाें ने उस पर हमला कर दिया।

आकाश पर गुप्ती और अन्य धारदार हथियार से लगातार वार किए जिससे उसकी माैत हाे गई। वारदात के बाद अभियुक्त माैके से फरार हाे गए। आकाश की मां परमेश्वरी सियाेता की ओर से पुलिस काे रिपाेर्ट दी गई है। रिपाेर्ट में बताया गया है कि मंजु काॅलाेनी निवासी गणेश, शिवबाड़ी निवासी विजय कंडारा उर्फ बंटी, दीपक सियााेता उर्फ बीकानेरी व पुखराज वाल्मीकि ने आकाश काे बुलाया और चाकू, गुप्ती से वार कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने पुखराज को छोड़ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुखराज को राउंडअप कर पुलिस पूछताछ कर रही है।
जिगरी दोस्त...रंजिश और वर्चस्व में जानी दुश्मन बन गए, घात लगाकर हमला..मौत
नाल पुलिस थाना क्षेत्र के जयमलसर गांव में रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई के कारण घात लगाकर बैठे लाेगाें ने एक युवक की बाइक काे ट्रैक्टर से टक्कर मारी और फिर उस पर लाठी-सरियाें से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस ने पांच आराेपियाें काे राउंडअप किया है।
नाल पुलिस थाने के एसएचओ विक्रमसिंह चारण ने बताया कि जयमलसर गांव के दाे गुटाें में आपसी रंजिश चल रही है। गुरुवार की शाम काे एक गुट महेन्द्रसिंह बाइक पर सवार हाेकर अपने किसी परिचित का निधन हाेने पर उसके घर गया था। दूसरे गुट के लाेगाें काे इसकी जानकारी थी और वे घात लगाकर बैठे थे।
शाम काे करीब 5.30 बजे महेन्द्र वापस लाैट रहा था ताे दूसरे गुट के लाेगाें ने उसकी बाइक काे ट्रेक्टर से टक्कर मारी जिससे वह गिर गया। उसके बाद लाठी-सरियाें से हमला कर महेन्द्र के पैर ताेड़ दिए। उसके सिर में भी गंभीर चाेटें आईं। वारदात काे अंजाम देकर हमलावर वहां से फरार हाे गए।
महेन्द्र काे पीबीएम अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दाैरान देर रात काे उसकी माैत हाे गई। उसके पिता ओमसिंह की रिपाेर्ट पर मुकदमा दर्ज किया गया है। रिपाेर्ट में बताया गया है कि महेन्द्र व जगमालसिंह बाइक से घर लाैट रहे थे। रास्ते में सगे भाई देवेन्द्रसिंह व मानवेन्द्रसिंह, जेठूसिंह, शिशुपालसिंह व अन्य ने हमला कर दिया।
वारदात के बाद जेठूसिंह ट्रेक्टर लेकर और अन्य आराेपी शिशुपालसिंह की स्कार्पिओ गाड़ी में फरार हाे गए। पुलिस ने गुरुवार की रात काे जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया था। महेन्द्रसिंह की माैत हाेने के बाद मामला हत्या में तब्दील हाे गया है। पांच आराेपियाें काे राउंडअप कर लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
रुपए के लेनदेन में ठनी दुश्मनी
महेन्द्रसिंह और शिशुपालसिंह पूर्व में जिगरी दाेस्त थे जाे बाद में दुश्मन बन गए। दुश्मन भी ऐसी कि एक ने दूसरे की जान ले ली। पुलिस के मुताबिक शिशुपालसिंह और महेन्द्रसिंह पू्र्व में साथ मिलकर ठेके लेते थे। वर्ष, 15-18 के दाैरान नाेखा दैया में कराेड़ाें रुपए के प्राेजेक्ट के तहत जलाशय व अन्य काम हुए, जिसमें दाेनाें साथ थे और खूब कमाई भी की। बाद में रुपयाें के लेनदेन में दाेनाें के बीच रंजिश हाेने लगी और आपस में मारपीट भी शुरू हाे गई। मुकदमे भी दर्ज हुए। दाेनाें की दाेस्ती गहरी दुश्मनी में बदल गई और गुरुवार काे महेन्द्र काे अपनी जान गंवानी पड़ी।
दुश्मनाें के घर के आगे से निकलना, ...और उनका काम आसान हाे गया
महेन्द्रसिंह की शिशुपालसिंह और उसके गुट के लाेगाें से गहरी रंजिश चल रही थी। गांव में वर्चस्व की लड़ाई भी थी, इसलिए दाेनाें गुट एक-दूसरे काे नीचा दिखाने का माैका नहीं चूकते थे। दुश्मनी के कारण महेन्द्रसिंह कभी भी दूसरे गुट के लाेगाें के घर के आगे से भी नहीं निकलता था। गुरुवार काे उसने ऐसा किया और दुश्मनाें का काम आसान हाे गया। वह विराेधी गुट के लाेगाें के घर के आगे से निकल रहा था। इसका फायदा उठाकर पहले से तैयार आराेपियाें ने उस पर हमला कर जान ले ली।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Via Dainik Bhaskar https://ift.tt/1PKwoAf
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें