छेड़छाड़ और ज्यादती के मामले में पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं के प्रति पुलिस का रवैया संवेदनशील और गंभीर नहीं है। पीड़िताओं के काेर्ट में 164 के बयान भी दर्ज हाे चुके हैं। आराेपी नामजद हैं, लेकिन लंबा समय गुजर जाने के बाद बावजूद पुलिस इनकाे गिरफ्तार नहीं कर रही है।
इनमें कई मामले ताे ऐसे हैं। जिनमें स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं हाेने पर पीड़ित न्याय की गुहार लगाने सीधे आईजी तक पहुंचे हैं। यह स्थिति सीकर शहर में स्थित काेतवाली, उद्योग नगर व सदर थाना तीनाें थानाें की है। मामले में आईजी एस सेंगाथिर का कहना है कि घटना के बाद पुलिस कार्रवाई करती है। फिर भी शिकायत के बाद एसपी काे कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
1. विवाहिता से मारपीट-अभद्रता के मामले में छह महीने बाद भी कार्रवाई नहीं की
काेतवाली थाने में 10 अप्रैल काे पीड़िता ने रिपाेर्ट दर्ज कराई थी। रिपाेर्ट में पीड़िता का आराेप है कि सुबह जब वह दूध लेने के लिए वह घर से बाहर निकली ताे पड़ाेसी रिछपाल, जगदीश प्रसाद, भागाैती, भंवरी, राहुल, राेहित, बाबूलाल अादि ने उसके साथ मारपीट की और कपडे़ फाड़ दिए।
छुड़ाने आए पति पर हमला कर घायल कर दिया था। जिसकी जांच पुलिस ने एएसआई महेश कुमार काे साैंपी थी। पीड़िता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटना के बाद काेर्ट में उसके 164 के बयान हाे चुके हैं। लेकिन, मामले में पुलिस ने अभी तक एक भी आराेपी काे गिरफ्तार नहीं किया है। काेतवाली पुलिस का कहना है कि मामले के जांच अधिकारी एएसआई महेश कुमार का तबादला हाे गया है। जांच किसी दूसरे के जिम्मे की गई है।
2. विवाहिता से ज्यादती के प्रयास के नामजद आरोपी खुले घूम रहे हैं
20 जुलाई काे सदर थाने में पीड़िता ने मुकदमा दर्ज कराया था। आराेप था कि रात काे 11 बजे जब वह खेत में घुसी गाय काे भगाने गई ताे रास्ते में हरि, विनाेद, मनाेज, महेंद्र ने उसकाे पकड़ लिया। हरि व महेंद्र ने उसके साथ ज्यादती करने का प्रयास किया।
छेड़छाड़ के दाैरान जब वह चिल्लाई ताे उसका पति दाैड़कर आने पर आराेपी माैके से भाग गए। इस दाैरान उसके साथ मारपीट भी की गई। काेर्ट में 164 के बयानाें में वह इसकी पुष्टि कर चुकी है। परंतु एक भी आराेपी पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और वे खुले घूम रहे हैं। पीड़ित पक्ष के लोग जयपुर में आईजी एस सेंगाथिर से मिलकर आए हैं।
उन्हाेंने कार्रवाई का आश्वासन दिया था। जांच अधिकारी नरेंद्र सिंह के अनुसार पहले प्रकरण की जांच उसी के पास थी। लेकिन, बाद में जांच उसके बजाय थानाधिकारी पुष्पेंद्र सिंह काे साैंप दी गई है।
3. 14 साल की बालिका के साथ की थी छेड़छाड़, अब तक गिरफ्तार नहीं
13 जून काे उद्योग नगर थाने में 14 साल की बालिका ने अपने पिता के साथ उपस्थित हाेकर छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था। 10वीं में पढ़ने वाली बालिका का आराेप था कि जब वह पढ़ाई कर रही थी, तब गजानंद और दिनेश आया। दाेनाें उसके साथ छेड़छाड़ करने लगे। चिल्लाने पर दाेनाें भाग गए। गेट के बाहर निकली ताे यहां गजानंद और दिनेश के परिवार के जगदीश और छाेटेलाल भी खडे़ थे।
घटना के बारे में पहले पुलिस काे बयान दिए और इसके बाद काेर्ट में 164 के बयान दे चुकी हूं। परंतु जांच अधिकारियाें ने अभी तक किसी के खिलाफ कर्रवाई नहीं की है। जबकि इंसाफ पाने के लिए वह आईजी से भी मिलकर आ चुकी है। उद्योग नगर थानाधिकारी पवन चाैबे का कहना है कि छेड़छाड़ वाले मामले में दाे आराेपी पुलिस ने पकड़ लिए हैं। अन्याें के बारे में तफ्तीश चल रही है।
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