मुकंदरा रिजर्व की लाइफ लाइन यानी एमटी-4 बाघिन लाइटनिंग के बायें पैर में किसी भी तरह का सुधार नहीं हाेने पर इसका उपचार एक्सपर्ट टीम करेंगे। मुकंदरा रिजर्व से उसे ट्रेंक्युलाइज कर अभेड़ा बायाेलाॅजिकल पार्क में इलाज के लिए लाया जाएगा। अभेड़ा बायाेलाॅजिकल पार्क में यह पूरी प्राेसेस हाेगी। मेडिकल टीम बाघिन के ट्रेंक्युलाइज करने से लेकर अन्य व्यवस्थाओं में जुटी हैं। वहीं, दूसरी ओर बायाेलाॅजिकल पार्क में बाघिन के ट्रीटमेंट काे लेकर डाॅक्टर्स की टीम दाे बार विजिट कर चुकी हैं।
मामले काे लेकर डीसीएफ वन्यजीव डाॅ. एएन गुप्ता चुप्पी साधे हुए है। जानकाराें के अनुसार टीम काेटा आ चुकी है, जाे शनिवार से बाघिन का ट्रीटमेंट शुरू कर सकती है। मुकंदरा के फील्ड डायरेक्टर सेडूराम यादव ने बहुउद्देश्यीय पशु चिकित्सालय के डिप्टी डायरेक्टर काे पत्र लिखकर 26 से 28 सितंबर तक बाघिन एमटी-4 के ट्रीटमेंट के लिए डाॅ. अखिलेश पांडे काे भिजवाने के लिए पत्र लिखा है। यादव ने लिखा है कि मुकंदरा में बाघिन एमटी-4 एक पैर से लंगड़ाकर चल रही हैं।
डाॅक्टर्स टीम एमटी-4 बाघिन की नगरानी कर रही है। जांच, इलाज के लिए डब्ल्यूआईआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. पराग निगम भी आ रहे हैं। एमटी-1 की सर्चिंग जारी हैं।
बीजाे जाेय, डीसीएफ, मुकंदरा रिजर्व
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