भीम आर्मी भारत एकता मिशन की और से गुरुवार को बकानी तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। जिसमे बताया की सरकारी क्षेत्रों के निजीकरण पर रोक व अन्य निजी क्षेत्र में एससी, एसटी, ओबीसी आदि युवाओं को रोजगार एवं किसान विरोधी विधेयकों को रद्द किए जाएं।केंद्र सरकार कल्याणकारी राज्य की अवधारण को छोड़कर जातिवादी एवं पूंजीवादी व्यवस्था को देश पर थोप रही है। जिसमे देश के

कमजोर शोषित वंचित वर्ग के लोग लगभग बर्बादी कगार पर खड़े है। भाजपा सरकार ने बड़े बड़े विभाग व अन्य सभी संस्थानों का निजीकरण करके पूंजीपतियों को आगे कर दिया। देश मे बेरोजगारी के खिलाफ युवाओं मे गुस्सा है। पूंजीपति के इशारों पर हर क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। निजीकरण देश के छात्रों के संघर्ष पर हमला है। जो खत्म होना चाहिए।वर्तमान सत्र में पास किए गए किसान विरोधी कृषि

विधेयकों को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। बिजली का बिल माफ करो। इस अवसर हरिसिह गोयल, राकेश,नाथूलाल वर्मा, राजजाटव, जगदीश, ललित मेहर, सुरेश चौहान, कैलाश वर्मा, मांगीलाल मेहर, पर्वतसिंह, छगन, मोहनलाल आदि उपस्थित थे।

पिड़ावा. भीम आर्मी ने सरकारी क्षेत्रों के किए जा रहे निजीकरण पर रोक लगाने की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि केंद्र सरकार सरकारी उपक्रमों, संस्थाओं व विभागों का लगातार निजीकरण कर रही है। जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान हो रहा है। इससे दलित वर्ग के रोजगार के अवसर भी समाप्त हो रहे है। सरकार तत्काल निजीकरण पर रोक

लगाए। निजी क्षेत्रों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक समुदाय को रोजगार देने के लिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। लेटरल इंट्री आउट सोर्सिंग व संविदा जैसी छात्र विरोधी नीतियों को बन्द कर युवाओं, बेरोजगारों को स्थायी रोजगार दिया जाए। सफाई कर्मियों की अस्थायी नियुक्तियों को स्थायी किया जाए। हाल में पारित किए किसान विरोधी तीनों कृषि बिल को रद्द

किया जाए। ज्ञापन देने वालों में भीम आर्मी ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश कुमार वर्मा, रमेश मेघवाल, हंसराज वर्मा, दीपक कुमार, राम कैलाश, बाबूलाल, भगवान लाल, गायत्री वर्मा, प्रभूलाल, रामप्रकाश, हेमराज आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भवानीमंडी. सरकारी क्षेत्रों में हो रहे निजीकरण को बंद करने, युवाओं को रोजगार देने, किसान विरोधी विधेयकों को रद्द किए जाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को भीम आर्मी ने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। जिसमें बताया कि भाजपा सरकार ने उद्योगपतियों के हवाले से रेलवे, बैंक, एलआईसी एवं अन्य संस्थानों का निजीकरण कर पूंजीपतियों को सौंप दिया है जिस कारण देश की संवैधानिक व्यवस्था

खतरे में हैं। इस निजी करण से सबसे अधिक शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में देश पर हमला हुआ है। भीम आर्मी ने ज्ञापन के माध्यम से सरकारी संस्थाओं एवं विभागों का निजीकरण तत्काल प्रभाव से रोकने,

अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समुदायों को प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने, सफाई कर्मचारियों की अस्थाई नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से स्थाई नियुक्ति सुनिश्चित करने सहित अन्य मांगें की। पवन मेघवाल, राकेश वर्मा, सुरेश जजावरा, गोपाल वर्मा, मुकेश जजावरा, सीताराम वर्मा, हेमराज जावरा सहित अन्य मौजूद रहे।

खानपुर. भीम आर्मी एकता मिशन के राष्ट्र व्यापी आन्दोलन में गुरूवार को सरकारी संस्थाओं के निजी करण बंद करने व निजी क्षेत्रों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम लिखा ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। तहसील अध्यक्ष अजय सिंगोद की अगुवाई में दिए ज्ञापन में वर्तमान सत्र में पास किए गए तीन किसान विरोध बिल को तत्काल प्रभाव से रद्द किए जाने

और बिजली का बिल माफ करने की भी मांग की गई। इस मौके पर नरेन्द्र वर्मा, रोहित, अजय बैरवा, लक्की, दीपक सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
झालावाड़। भीम आर्मी भारत एकता मिशन की ओर से सरकारी क्षेत्रों में किए जा रहे निजीकरण रोकने, अन्य निजी क्षेत्र में एससी एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यकों को आरक्षण सहित किसान विरोधी विधेयक को रद्द

करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया। इस मौके पर भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष ईश्वर मेघवाल, महिला विंग जिला अध्यक्ष अंजना बैरवा, रेखा मेहर,राहुल मेघवाल, भुनेश मीणा, भैरुलाल भील, सुनीत कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।

डग. तहसील पर भीम आर्मी भारत एकता मिशन द्वारा राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन दिया गया। जिसमें बताया गया कि सरकारी क्षेत्रों के निजीकरण पर रोक लगाने तथा किसान विरोधी विधेयक को रद्द करने सहित निजी क्षेत्र में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक समुदाय का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। सफाई कर्मियों को स्थाई नियुक्ति दी जाए। इस दौरान मुकेश कुमार, अशोक

सोलंकी, दाउद खान आदि मौजूद रहे।
असनावर. भीम आर्मी एकता मिशन द्वारा राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत राष्ट्रपति के नाम उपखंड अधिकारी रतनलाल योगी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में सरकारी क्षेत्रों के निजीकरण को रोकने के लिए एवं अन्य निजी

क्षेत्रों में आरक्षण दिए जाने।अम्बेडकर पीठ चालू करने, देश में हो रहे दलित पर अत्याचार बंद करने व किसानों का कर्ज माफ करने को लेकर भीम आर्मी के तहसील अध्यक्ष महेंद्र मीणा, कंवरलाल धोबी, नवल किशोर, राधेश्याम भील, बलराज वाल्मिकी, विनोद कुमार, मोहनलाल, दिनेश, सुरेश आदि ने ज्ञापन दिया।



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Bhim Army activists protested against privatization, submitted memorandum to the President of the demonstration at the SDM office,
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