पंचायतीराज चुनावों में कॉलेज लेक्चरर, प्रिंसिपल और प्राेफेेसर्स की सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट के लिए ड्यूटी लगा दी है। जबकि विश्वविद्यालयों में स्नातक, स्नातकोत्तर और प्रोफेशनल कोर्सेज के 17 सितंबर से एग्जाम शुरू हो रहे हैं। कई कॉलेज तो ऐसे हैं जहां पर यदि चार से पांच लेक्चरर हैं तो उन सभी की ड्यूटी लगा दी गई है। यहां तक कि कई कॉलेजों में तो एक भी लेक्चरर को नहीं छोड़ा उनकी भी चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई है।

सर्वोच्च न्यायालय ने 28 अगस्त को यूनिवर्सिटी की एग्जाम यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार 30 सितंबर तक करवाने के निर्देश दिए थे। वहीं प्रदेश के कई महाविद्यालयों के भवनों को चुनाव के चलते अधिग्रहित भी किया गया है।
कॉमर्स के लॉ कॉलेज के पांच लेक्चरर, रामगढ़ की रूईया कॉलेज के 5 लेक्चरर, साइंस कॉलेज के 10 लेक्चरर, एसके गर्ल्स कॉलेज के 17 लेक्चरर की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही आर्ट्स कॉलेज के 10, कॉमर्स कॉलेज में तीन लेक्चरर की चुनावों में ड्यूटी लगा दी गई है।

लक्ष्मणगढ़ के राजकीय महाविद्यालय के तीन लेक्चरर व एक प्राचार्य है चारों की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई है। ऐसे में शेखावाटी विश्वविद्यालय की परीक्षाएं कैसे आयोजित करवाई जा सकेंगी। इसके साथ ही जिले के सभी महाविद्यालयों से ज्यादातर पुरुष लेक्चरर की पंचायती राज चुनावों में ड्यूटी लगाई गई है।
शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी से कॉलेजों को अधिग्रहित नहीं करने की मांग की

राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से महाविद्यालय शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखने तथा महाविद्यालय भवनों को चुनाव हेतु अधिग्रहित नहीं किए जाने की मांग की है। रुक्टा (राष्ट्रीय) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय सिंह शेखावत ने बताया कि स्नातक व स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षाएं राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा विभिन्न महाविद्यालय केंद्रों पर आयोजित करवाई जा रही है। वर्तमान में राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के सरपंच एवं अन्य पदों हेतु चुनाव की घोषणा की गई है।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की पालना में परीक्षा करवाने के लिए इन चुनावों में महाविद्यालय शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाने तथा महाविद्यालय भवनों को अधिग्रहित नहीं करने हेतु शासन सचिव (उच्च शिक्षा) तथा आयुक्त कॉलेज शिक्षा द्वारा सभी जिला कलेक्टर को पत्र भेजे गए थे। इसके बाद भी कुछ जिला निर्वाचन अधिकारियों ने महाविद्यालय शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी लगा दी है। करौली आदि कुछ स्थानों से महाविद्यालय भवन को अधिग्रहित किया गया है।

अकेले एसके गर्ल्स कॉलेज में चार एग्जाम
एसके गर्ल्स कॉलेज में शेखावाटी यूनिवर्सिटी के 17 सितंबर से एग्जाम शुरू होंगे। 18 से 20 सितंबर तक सेंट्रल यूनिवर्सिटी की दो-दो पारियों में एग्जाम होगी। 17 सितंबर से इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी के एग्जाम और 21 सितंबर से वर्धमान ओपन यूनिवर्सिटी के एग्जाम शुरू हो रहे हैं। लेक्चरर की चुनाव में ड्यूटी से परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
सभी कॉलेजों में कम स्टाफ, फिर भी लगा दी चुनावों में ड्यूटी
राज्य के महाविद्यालयों में शैक्षणिक व अशैक्षणिक कर्मचारियों की अत्यधिक कमी है। बहुत कम मानवीय संसाधनों के साथ ये परीक्षाएं संपन्न करवाई जा रही है। इस परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए तथा सर्वोच्च न्यायालय एवं यूजीसी के निर्देशों के अनुपालना में 30 सितंबर से पूर्व विश्वविद्यालय परीक्षा आयोजित करने की बाध्यता है। इसे देखते हुए शासन सचिव (उच्च शिक्षा) और आयुक्त कॉलेज शिक्षा द्वारा जिला कलेक्टर्स को संदर्भित पत्र लिखे गए थे। शासन सचिव ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की बाध्यता को देखते हुए महाविद्यालय भवनों को अधिग्रहित नहीं करने के निर्देश दिए गए थे।



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Exams from today but, college lecturers' duty in panchayat elections
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