उपखंड क्षेत्र में स्थित मालण बाई मंदिर में शस्त्र पूजन का कार्यक्रम किया गया। संघ की स्थापना 1925 में विजयादशमी यानी दशहरा के दिन हुई थी। नवरात्रा पर शस्त्र पूजन का विधान है। इस दौरान संघ के सदस्य हवन में आहुति देकर विधि-विधान से शस्त्रों का पूजन करते हैं। संघ के स्थापना दिवस कार्यक्रम में हर साल शस्त्र पूजन खास रहता है। इसी को लेकर शनिवार को कोडियासर के मालण बाई मंदिर में सीमाजन कल्याण समिति के फतेहगढ़ शक्ति केंद्र की तरफ से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जिला संगठन मंत्री वासुदेव मौजूद रहे।

इस कार्यक्रम में परंपरागत तरीके से शस्त्रों के मोली व तिलक लगाकर विधिवत तरीके से पूजन किया। नवरात्रा के मौके पर शस्त्रधारियों के लिए हथियारों के पूजन का विशेष महत्व है, इस दिन शस्त्रों की पूजा घरों और सैन्य संगठनों द्वारा की जाती है। नौ दिनों की उपासना विजय कामना के साथ शस्त्रों का पूजन किया जाता है।

शक्तिरूपा दुर्गा, काली की पूजा के साथ शस्त्र पूजा की परंपरा हिंदू धर्म में लंबे समय से रही है, छत्रपति शिवाजी ने इसी दिन मां दुर्गा को प्रसन्न कर भवानी तलवार प्राप्त की थी। इस दौरान मंच से जिला संगठन मंत्री ने शस्त्रों की पूजा के बारे में बताया। इस कार्यक्रम में फतेहगढ़ शक्ति केंद्र संयोजक देवीलाल चौधरी, कानसिंह, लजपतसिंह, मुकेश महाराज, सरपंच प्रतिनिधि धर्माराम चौधरी, मगाराम दर्जी व पीराराम चौधरी सहित उपस्थित रहे।



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