सर्दी के सीजन में इन दिनाें शहर में घराें के आसपास के अलावा वेटलैंड एरिया में सुबह से ही विभिन्न प्रकार के पक्षियाें की साइटिंग हाे रही है। यह बर्ड वाॅचर के लिए सकून भरा नजर आ रहा है। उम्मेदगंज पक्षी विहार कंजर्वेशन रिजर्व में करीब 6000 से अधिक किलाेमीटर दूर साइबेरिया एवं सेंट्रल एशिया में ब्रीडिंग करने वाले टफ्टैड पाेचार्ड की गुरुवार काे अच्छी साइटिंग हुई है।
इन पक्षियाें के सिर पर पंखाें की एक चाेटीनुमा हाेती है। इससे यह आकर्षण का केंद्र बने हाेते हैं। यह पक्षी अफ्रीका से उड़ान भरकर शीतकालीन प्रवास पर हाड़ाैती के वेटलैंड पर आते हैं। इस सीजन में पहली बार 40 टफ्टैड पाेचार्ड पक्षियाें का ग्रुप नजर आया है। यह फाेटाे पूर्व मानद वन्यजीव प्रतिपालक आरएस ताेमर ने उपलब्ध करवाया है।
2012 से घाेषित पक्षी विहार काे विकसित हाेने का अभी भी है इंतजार
राज्य सरकार की ओर से यह नवंबर 2012 में उम्मेदगंज पक्षी विहार कंजरवेशन रिजर्व घोषित किया था। लेकिन, आठ साल बाद यहां पक्षियों की साइटिंग से लेकर बर्ड वाॅचर के लिए माकूल बंदोबस्त नहीं हाे पाए हैं। बर्ड वॉचिंग के लिए पिछले सालाें में यहां विकास बहुत धीमी गति से हुआ है। यहां बनाए वाॅच टावर के स्ट्रक्चर की भी हालत बिगड़ चुकी है। अवैध रूप से मछलियों का शिकार भी इस एरिया में होता है। यह 2012 में 272.42 हैक्टेयर एरिया को पक्षी विहार कंजरवेशन रिजर्व एरिया घोषित किया था। इसके लिए बजट भी आया था। लेकिन, अभी काम अधूरा ही है।
- उम्मेदगंज पक्षी विहार कंजर्वेशन के लिए मैनेजमेंट प्लान बनाकर भिजवाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया चल रही हैं। इसके विकास के लिए प्रयास हाेंगे। - डाॅ. एएन गुप्ता, डीसीएफ वन्यजीव
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