केंद्रीय श्रमिक संगठनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर गुरुवार को श्रमिक संगठनों के साथ बैंक और बीमा संगठनों ने लंबित मांगों को लेकर हड़ताल कर एडीएम सिटी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन साैंपा।

श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि मंडल ने ट्रेड यूनियन कौंसिल के संयोजक पी.एस. खींची के नेतृत्व में जिला कलेक्टर, उदयपुर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर बढ़ती बेरोजगारी एवं आसमान छूती महंगाई पर रोक लगाने, श्रम कानूनों में किए मजदूर विरोधी संशोधनों को निरस्त करते हुए श्रम कानूनों की सख्ती से पालना करने, राजस्थान रोडवेज और जयपुर व अन्य नगरीय परिवहन सेवाओं सहित शिक्षा स्वास्थ्य व अन्य जन-उपयोगी सेवाओं, बैंक-बीमा सहित राजकीय उपक्रमों के निजीकरण बंद काे करने की मांग की।

प्रतिनिधि मंडल में इंटक के राज्य अध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली, जिला सचिव नारायण गुर्जर, सीटू के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद राजेश सिंघवी, सचिव हीरालाल सालवी, एटक के जिला सचिव सुभाष श्रीमाली, एक्टू के जिला सचिव सौरभ नरूका, बीमा यूनियन के मोहनलाल सियाल एवं बैंक यूनियन के डी.के. जैन मौजूद थे। इधर, बीमा कर्मचारियों ने आल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन के आह्वान पर हड़ताल हुई।

इस दाैरान समस्त शाखाओं के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष एम.एल. सियाल ने केंद्र सरकार से “एलआईसी के आईपीओ की योजना वापस लेने” “सार्वजनिक उपक्रमों का विनिवेश और निजीकरण बंद करने” आदि मांग की। वहीं आल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन, एआई बीईओ एवं बेफी के आह्वान पर बैंककर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर व केंद्रीय श्रम संगठनों की सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में हड़ताल पर रहे।

हड़ताल की वजह से कई बैंकों में कामकाज ठप रहा। इससे करोड़ों का कामकाज प्रभावित हुआ। हालांकि अधिकारी संगठन के हड़ताल पर नहीं जाने के कारण बैंक शाखाएं तो खुली, लेकिन ग्राहक सेवा पूर्णतया प्रभावित हुई। धारा 144 लागू होने तथा कोरोना महामारी के बदतर हो रहे हालात की वजह से जनहित में प्रदर्शन, रैली व सभा नहीं करने का निर्णय किया।



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बीमा कर्मचारियों ने भी हड़ताल का किया समर्थन
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