काेराेना के दाैरान शिक्षा विभाग ने स्माइल प्राेग्राम के तहत ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था लागू कर रखी है। हालांकि ऑनालाइन शिक्षा में एक से पांचवीं तक के छात्राें में से 40 फीसदी बच्चाें काे सही लाभ नहीं मिल रहा है।
इसके कारण जानने के लिए शिक्षा विभाग एवं राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद के अधिकारी आए हैं। इन अधिकारियाें काे 10 से 20 स्कूलाें का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है। चित्ताैड़ जिले में शिक्षा विभाग बीकानेर से सहायक निदेशक नवरत्न सेन एवं समसा से उपायुक्त एवं जिला प्रभारी वाजिबी सागर पहुंची। इन्हाेंने ऑनलाइन शिक्षण पद्धति का फीडबैक लिया।


जानिए प्राेग्राम के बारे में...
राजस्थान शिक्षा विभाग के अनुसार, स्कूल बंद होने के कारण विद्यार्थियों के अध्ययन की निरंतरता के लिए अप्रैल में स्माइल कार्यक्रम लागू किया था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने सोशल मीडिया इंटरफेस फॉर लर्निंग इंगेजमेंट (स्माइल) के दूसरे संस्करण को नवंबर से शुरू किया था। कारण महामारी के मद्देनजर बंद रखे गए स्कूलों में जूनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों में अध्ययन की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से स्माइल प्रोग्राम के माध्यम से इसमें मदद मिलेगी।

जानिए किस कारण से एक से पांचवीं के बच्चाें काे पूरा फायदा नहीं मिल रहा
केस-1 . भदेसर ब्लाॅक के नाहरगढ़ स्थित कस्तूरबा आवासीय स्कूल में नामांकित 160 में से 56 बालिकाएं ही ऑनलाइन शिक्षण पद्धति यानी स्माइल प्राेग्राम के तहत लाभान्वित हाे रही है। करीब 51 बालिकाओं के अभिभावकाें के पास एंड्राइड फाेन नहीं है। जाे नंबर दे रखे है उनके परिवार या नजदीकी रिश्तेदाराें के है। इस कारण से स्माइल प्राेग्राम का लाभ इतनी बालिकाओं काे नहीं मिल रहा है।


केस-2 . इसी प्रकार नाहरगढ़ के एक स्कूल जिसमें सात गांवाें के बच्चे नामांकित है। इस स्कूल के कक्षा एक से पांचवीं तक के करीब 40 फीसदी बच्चाें के अभिभावकाें के पास एंड्राइड फाेन नहीं है। करीब इतने ही प्रतिशत बच्चाें के परिवार के पास केवल एक ही एंड्राइन फाेन है और अभिभावक मजदूरी पर माेबाइल लेकर चले जाते है। इसके चलते इतने प्रतिशत बच्चे समय पर हाेमवर्क नहीं कर पाते हैं।

बरनियास क्षेत्र के स्कूलों का शिक्षा अधिकारियों ने निरीक्षण किया

पारसोली| कोरोना काल में सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा से जुड़े रखने के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए स्माइल-2 कार्यक्रम के तहत राउमावि बरनियास की प्रधानाचार्य सावित्री मीणा ने पीईईओ बरनियास के विद्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने घर-घर जाकर बालकों से संपर्क कर उनके स्तर की जानकारी ली। स्माइल-2 कार्यक्रम के निरीक्षण के अंतर्गत संग्रामपुरा, कंवरपुरा, दौलतपुरा, कीतियास विद्यालयों के संस्था प्रधानों को छात्रों के पोर्टफोलियो बालकों के व्हाट्सएप ग्रुप की जानकारी, विषयाध्यापकों द्वारा छात्रों के नाम, मोबाइल नंबर की सूची, गृह कार्य जांच रजिस्टर संधारण, निशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण की जानकारी, प्रति विद्यालय 5 छात्रों के मोबाइल पर संपर्क कर घर जाकर गृह कार्य देने वे जांचने के कार्य की प्रगति, ऑनलाइन पढ़ाई का स्क्रीनशॉट वर्क बुक का वितरण सहित कई पहलुओं का निरीक्षण कर निर्देश प्रदान किए।

स्माइल-2 कार्यक्रम का प्रेमनगर में निरीक्षण
स्माइल-2 की जमीनी हकीकत जानने के लिए बीकानेर निदेशालय से नियुक्त सहायक निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर नवरत्न सेन द्वारा शुक्रवार को प्रेमनगर विद्यालय में औचक निरीक्षण किया। एडीईओ राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि जिला स्तरीय टीम के सदस्य, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अरूण कुमार दशोरा, जिला शिक्षा अधिकारी प्रा.शि. कल्याणी दीक्षित, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी सत्येन्द्र मेहता, राजेन्द्र कुमार शर्मा, ज्योति स्वामी के साथ निरीक्षण किया।

इसमें स्माइल-2 कार्यक्रम के क्रियान्वयन, आधारभूत संरचना, स्मार्ट क्लास के जरिये अध्यापन, जिला स्तरीय माॅडल बाल पुस्तकालय, गतिविधि आधारित शिक्षण कक्षा कक्ष, राज्य स्तरीय टेबल टेनिस हाॅल का निरीक्षण संस्था प्रधान महेशचंद्र नुवाल ने करवाया। अध्यापक देवकीनंदन वैष्णव ने सुचारू रूप से चल रहे स्माइल-2 कार्यक्रम की हकीकत से प्रेमनगर विद्यालय के छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से रूबरू करवाया।



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Officers reached school to investigate how effective online education was, 40 percent of children from class 1 to 5 are having trouble reading online
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