अक्टूबर व नवंबर में काेराेना वायरस का संक्रमण पीक रहा। अब काेराेना का प्रकाेप काफी कम हो गया है। आठ माह से जारी इस वैश्विक महामारी में ये सुखद पहलू ये है कि इस महीने कोरोना रोगियों की संख्या कम हो रही है। असरदार सर्दी बढ़ने पर कोरोना का प्रकोप बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी। राहत भरी खबर ये है कि आशंका के उलट हो रहा है। अक्टूबर में कोरोना पीक पर रहा। तब जिले में प्रतिदिन औसतन 94 नए मरीज मिल रहे थे।
दिसंबर के 19 दिनों में ये औसत घटकर 30 रोगी प्रतिदिन तक आ चुका है। यानी कोरोना के नए रोगी मिलना पहले की अपेक्षा एक तिहाई रह गए हैं। शनिवार को जिले में 4 नए कोरोना रोगी ही मिले। वहीं, जिला अस्पताल की कोरोना जांच लैब में राज्य सरकार की उपलब्ध करवाई गई टेस्ट किट्स संदेह के घेरे में आ गई हैं। शनिवार को लैब में सैंपल की टेस्टिंग नहीं की गई। जिलेभर से लिए 800 सैंपल टेस्टिंग के लिए अजमेर भेजे गए हैं।
पिछले 5 दिनों में 15 दिसंबर से 19 दिसंबर तक जिले में 28 रोगी ही मिले हैं। इस अवधि में प्रतिदिन मिलने वाले नए रोगियों की संख्या 10 से कम रही। दिसंबर में 1 से 19 तारीख की अवधि में 574 कोरोना रोगी मिले हैं। जबकि पिछले महीने 12 नवंबर से 30 नवंबर तक 19 दिन की अवधि के दौरान 1401 रोगी मिले थे। जिले में अब तक मिलने वाले कोरोना पॉजिटिव रोगियों की संख्या 8125 तक पहुंच चुकी है। नवंबर में 2421, अक्टूबर में 2971, सितंबर में 1329, अगस्त में 583, जुलाई में 185, जून में 52 और मई में 6 राेगी मिले थे।
अस्पताल में कोरोना संक्रमित भर्ती मरीजों की संख्या भी कम हो रही है। शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 11 ही थी। नवंबर में एक बार भर्ती रोगियों का आंकड़ा 140 तक पहुंच गया था। कोरोना एक्टिव रोगियों की संख्या 161 है। जिला अस्पताल के पीएमओ डाॅ. केएस कामरा और जन सेवा अस्पताल के इंचार्ज डॉ. संजय सोलंकी के अनुसार कोरोना का प्रकोप कम हुआ है। इसकी वजह लोगों में हार्ड इम्युनिटी विकसित होना, कोरोना वायरस कमजोर पड़ना है।
समारोहाें में मेहमानों की संख्या सीमित करने और इसका उल्लंघन करने पर सख्ती किया जाना भी कोरोना का संक्रमण रोकने में असरदार साबित हुआ है। डॉ. कामरा व डॉ. सोलंकी के अनुसार फिलहाल कोरोना का खत्म नहीं हुआ है। लोग अलर्ट रहें। हाथ धोने, मास्क से मुंह व नाक कवर करने, फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें और भीड़ में जाने से परहेज करें। बुखार, गले में खराश, सांस की तकलीफ होने पर खुद को आइसोलेट कर कोरोना जांच करवाएं।
पहली बार 74 सैंपल पॉजिटिव आए, दुबारा जांच में नेगेटिव, वापस भेजी जांच किट
जिला अस्पताल की कोरोना जांच लैब में पिछले दिनों एक बार में लगाए सभी 74 सैंपलों की पॉजिटिव रिपोर्ट मिली। तब क्रॉस वेरिफिकेशन के लिहाज से इसमें से कुछ सैंपल की एक प्राइवेट लैब और मेडिकल काॅलेज बीकानेर लैब से करवाई तो सैंपलाें की जांच रिपोर्ट नेगेटिव मिली। तब पहले पीसीआर मशीन खराब होने की आशंका हुई। दिल्ली से एक्सपर्ट बुला कर मशीनों की जांच करवाई तो पता चला कि मशीन सही है। राज्य सरकार की ओर से भेजी गई कि टेस्टिंग किट ही संदेहास्पद है। पीएमओ डॉ. केएस कामरा के अनुसार टेस्टिंग किट जयपुर भेज दी गई है। अब नई किट्स मिलने पर रविवार को फिर टेस्टिंग शुरू कर दी जाएगी।
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