कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए देश में स्वदेशी को-वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। भारत बायोटेक कंपनी के इन्ट्रामस्कूलर वैक्सीन के तीसरे फेज का क्लीनिकल ट्रायल विद्याधर नगर स्थित महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल में भी चल रहा है।

पांच दिनों में यहां जयपुर और राजस्थान सहित पड़ोसी राज्यों के वॉलटियर्स ने यहां कोरोना का टीका लगवाया है। बांसवाड़ा विधायक महेन्द्रजीत सिंह मालवीय सहित अब तक धर्म गुरु, संत, डॉक्टर, वकील, शिक्षक, पैरामेडिकल स्टाफ के वैक्सीन लगाया जा चुका है। किसी में किसी तरह का साइड इफैक्ट देखने को नहीं मिला है। ट्रायल करने वाली टीम वॉलटियर्स से लगातार संपर्क में है और उनकी हर रोज की अलग से रिपोर्ट बन रही है। तीसरे फेज के इस टीके के 28 दिन बाद दूसरा टीका लगाया जाना है।

स्वदेशी वैक्सीन पर हमें भरोसा है, इस विश्वास को दृढ़ करने के लिए टीका लगवाया

लोगों में वैक्सीन को लेकर जिज्ञासा है, आशंका है। अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडन हरियाणा स्वास्थ्य मंत्री की तरह राज्य सरकार के मंत्रियों और ब्यूरोक्रेट को भी टीका लगवाना चाहिए, ताकि जन संदेश जाए। मैं संत हूं। मुझे वैक्सीन पर भरोसा है। लोगों को भी होना चाहिए।
स्वामी रघुपतिदास, अक्षयपात्र

लोग सोचते हैं कुछ दिन में वैक्सीन मिल जाएगी। बिट्रेन में वायरस का स्ट्रेन बदलने के कारण डर और भ्रम भी है। पॉलिटिकल, ब्यूरोक्रेट और टेक्नोक्रेटिक कमिटमेंट होना चाहिए। ये आगे आएंगे तो लोगों मे अच्छा संदेश जाएगा। -डॉ.विनय गिल/डॉ.ममता ढाका

वैक्सीन की खासियत

  • साइड इफैक्ट नहीं मिला। हाथ-पैर दर्द, बुखार सामान्य है।
  • आइसबॉक्स में 2 से 8 डिग्री सेन्टीग्रेड तापमान पर रखकर गांव-गांव जाकर वैक्सीन लगा सकते हैं। अन्य कंपनियों के विदेशी टीकों को बहुत कम तापमान में ही रख सकते हैं।
  • सेंटर पर वैक्सीन लगाने के एक घंटे तक निगरानी होती है। चक्कर, एलर्जी, सिर-दर्द न होने पर घर भेजा जाता है।
  • नैजल वैक्सीन की भी संभावना।

कोरोना वैक्सीन के ट्रायल पर जिज्ञासा... प्रिसिंपल इन्वेस्टीगेटर डॉ.मनीष जैन से बातचीत

क्लीनिकल ट्रायल की किससे अनुमति ली?

- केन्द्र सरकार के डीसीजीआई, एनआईवी पुणे और आईसीएमआर से ट्रायल की अनुमति ली है।
कितने वाॅलंटियर्स पर ट्रायल हो चुका है?
-500 के टीका लगाया जा चुका है। 1000 को लगाया जाना है।
मॉनिटरिंग किस तरह से की जा रही है?
-वाॅलंटियर्स से फोन पर फीडबैक ले रहे हैं।
क्या यह निशुल्क है? दूसरी डोज भी लगेगी?
-दूसरी 28 दिन बाद लगेगी। ट्रायल निशुल्क ही है।
कौन लगवा सकता है वैक्सीन?
-18 साल उससे उससे अधिक उम्र का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति लगवा सकता है। गंभीर बीमारी और गर्भवती पर वैक्सीन का ट्रायल नहीं हो सकता। वैक्सीन लगवाने संबंधी किसी भी जिज्ञासा के लिए मोबाइल नंबर 9414414834 पर संपर्क किया जा सकता है। इसी नंबर पर जिज्ञासा, आशंका के समाधान के बाद रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

ट्रायल की शर्तें क्या हैं
18 साल से ज्यादा और 65 साल से कम उम्र होनी चाहिए। सहमति लेकर ही ट्रायल हो सकता है। ट्रायल की वीडियोग्राफी हो रही है। सहमति पत्र में सभी जानकारी होती है। वालंटियर्स को बताई जाती हैं। पहचान पत्र की जरूरत होती है।



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कोरोना का टीक लगवाते स्वामी रघुपतिदास, अक्षयपात्र।
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