कोरोना संक्रमण को लेकर एक बार फिर पॉजिटिव खबर है। पिछले 7 माह में पहली बार हमारे यहां रिकवरी रेट 98 फीसदी के ऊपर पहुंची है। अब तक 8825 लोग नेगेटिव होकर घरों को लौट चुके हैं। इनमें 40 तो शनिवार को ही ठीक हुए हैं। इतना ही नहीं मई के बाद यह पहला मौका है जब सबसे कम 44 एक्टिव केस ही रह गए हैं।

इससे पहले 28 मई को 38 एक्टिव केस थे। हालांकि शनिवार को कोरोना के 4 नए रोगी भी मिले। लेकिन, इससे अब घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कोरोना लगभग कंट्रोल में आ चुका है। अगले एक-दो दिन में हमारे यहां वैक्सीन का ड्राय रन भी होने की उम्मीद है। हालांकि यह मॉक ड्रिल पहले शनिवार को ही प्रस्तावित थी। लेकिन, ऐनवक्त पर अपरिहार्य कारणों से इसे टाल दिया गया।

सीएमएचओ डॉ. लक्ष्मण सिंह ने बताया कि कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर भरतपुर जिले में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ड्राय रन (मॉक ड्रिल) के लिए रविवार अथवा सोमवार तक निदेशालय से विस्तृत कार्यक्रम मिलने की उम्मीद है। जैसे ही हमें जयपुर से ड्राय रन का कार्यक्रम मिलेगा, वैसे ही मॉक ड्रिल कर ली जाएगी। वैक्सीन आते ही जिलेभर में एक साथ वैक्सीनेशन शुरू कर दिया जाएगा।

इसके लिए इलेक्शन बूथ की तरह वेक्सीनेशन सेंटर बनाए जा रहे हैं। इधर, कोरोना को काबू करने के लिए भरतपुर जिले में अब तक 185194 लोगों की जांच की जा चुकी है। इनमें से ज्यादातर लोग नेगेटिव निकले हैं। जबकि 8989 लोग पॉजिटिव पाए गए थे। इनमें से भी 8825 लोग नेगेटिव हो चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि पहले दिसंबर और जनवरी में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का खतरा माना जा रहा था। क्योंकि कड़ाके की ठंड से वायरल बुखार, खांसी, जुकाम आदि के रोगी बढ़ने की आशंका रहती है। इससे कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका थी। लेकिन, अभी तक के हालात से यह धारणाएं गलत ही साबित हुई हैं।

2 गज दूरी और मास्क जरूरी : सीएमएचओ
सीएमएचओ डॉ. लक्ष्मण सिंह ने बताया कि हालांकि कोरोना कंट्रोल हुआ है, लेकिन इसका खतरा नहीं। इसलिए 2 गज दूरी और मास्क का उपयोग बहुत जरूरी है। घर से बाहर निकलते वक्त फेस मास्क जरूर लगाएं। सभी सरकारी कार्यालयों में हालांकि नो मास्क नो एंट्री लागू है। लेकिन, अभी भी मंडी, बाजार, बस स्टैंड, बैंक समेत कई सार्वजनिक स्थलों पर लोग बिना मास्क ही नजर आ रहे हैं। यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।



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Lowest 44 active cases after 7 months, recovery also above 98%
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