गांव धरसोनी में शनिवार को हुई किसानों की बैठक में ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना) पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता रामशरण नेता ने की। बैठक में किसानों ने कहा कि बाणगंगा नदी में पानी नहीं आने तक आंदोलन जारी रहेगा। केंद्र सरकार ने शीघ्र ही प्रोजेक्ट को स्वीकृति नहीं दी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

किसानों के आंदोलन के लिए गांव-गांव में किसान कमेटियां बनाना शुरू कर दिया गया है जो आंदोलन की रूपरेखा तय करेगी। किसानों ने कहा कि जमीन में जल स्तर लगातार गिर रहा है जिससे किसानों के डीपबोर में पानी समाप्ति की ओर है। यहां के किसानों का जीवन खेती पर निर्भर है और बगैर पानी के खेती बर्बाद हो रही है। किसान संघर्ष समिति के संयोजक इंदलसिंह ने कहा कि वर्ष 2007 से किसान संघर्ष कर रहे हैं। प्रोजेक्ट को तैयार कर केंद्र के जल शक्ति मंत्रालय में स्वीकृति के लिए भेजा गया था लेकिन केंद्र और राज्य में विरोधी सरकार होने का नुकसान किसान भुगत रहे हैं। जिले के हिसाब से बाणगंगा और गंभीर नदियां भरतपुर जिले की महत्वपूर्ण नदियां हैं।

किसानों ने जिले की राजनीति को कमजोर बताया और कहा कि भाजपा और कांग्रेस के तमाम बड़े राजनेता जिले के विकास में रुचि नहीं ले रहे हैं। इस बैठक में साहबसिंह नेता, रतन पहलवान, मुरारी लाल सैनी, हरिओम, बलदेव सिंह, ईश्वर सिंह, विपती राम, मोहन सिंह, सतवीर सिंह, चमन सिंह, खिलौनों सैनी, वीरेंद्र सिंह, गिरिराज सिंह ने विचार रखे।



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हलैना। बैठक में किसान कमेटी को लेकर बातचीत करते किसान।
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