संपादकीय✍✍✍✍
समस्या v /s समाधान
बाड़मेर/14.09.2017.....01:30 ए.एम.
बाड़मेर से जोधपुर के बीच चलने वाली डेमू रेल गाड़ी में असुविधा की भरमार
पहले बाड़मेर जोधपुर के बीच लोकल रेलगाड़ी चलती थी जो कि अब बन्द कर दी गई। इसकी जगह अब डेमू रेलगाड़ी ने ले ली हैं। इस रेलगाड़ी का संचालन बाड़मेर से दो बार होता हैं सुबह 4:50 ए.एम. और रात को 12:30 ए.एम. बजे जिसमें रात को असुविधा की भरमार है।
रात को चलने वाली ये डेमू रेलगाड़ी में न तो लाईटिंग की व्यवस्था है और न ही बाथरूम के नलों में पानी आता है। यात्रियों को अँधेरे व गर्मी में यात्रा करनी पड़ रही है। और तो और यहा लोग सीट पर आकर लेट जाते हैं।
और बहाना बनाते हैं कि दो जने ओर यहाँ आने वाले हैं। मेरी तबीयत खराब है वगेरह वगेरह और कुछ तो ऐसे भी लोग होते हैं जो गुंडागर्दी पर उत्तर आते हैं। मै तो नहीं देता जगह यहीं सोउंगा जो करना हैं करलो।
लो बताओ बात ये तो हद ही हो गई जैसे की कोई अपने घर का माल हो वैसे व्यहवहार कर रहे हैं और इनको कोई रोकने टोकने वाला नहीं। रेल्वे पुलिस को कहते हैं तो जवाब मिलता है आप उन्हें उठा दो कि जगह दे दें । अरे भाई हमारे कहने से उठते तो हम आपको क्यों कहते ?  बिचारे यात्री नीचे पायदान फर्श पर सोने को मजबूर है। इस डेमू रेल में सिर्फ बैठने की सीटें हैं बस में होती है वैसे। कुछ तो सामान रखने वाली रेंक पर हू सो जाते है।
तो देख लो सभी ये हकीकत है हमारे भारतीय रेल्वे की और इसमें यात्रा करने वाले भारतीयों की।
और सपने देख रहे है हम "बुलैट ट्रेन" चलाने की। जबकि यहाँ तो डेमू रेल की हालत खस्ता है।
हम सबको इस बारे में सोचना चाहिए कि आखिर इसके पीछे कौन जिम्मेदार है.......???
1. भारतीय रेल्वे
2. हम लोग खुद जो ऐसा होने देते हैं और आवाज़ नहीं उठाते
3. बढती जनसंख्या
4. वे सीटों को अपनी बापूति समझकर सोने वाले लोग
मेरी बात को वो लोग अच्छे से समझ रहे होंगे जिन्होंने कभी रात में ऐसी परिस्थितियों का सामना करते हुए यात्रा की हैं।
तो आज अपनी आवाज़ बुलंद करो इस अव्यवस्था के खिलाफ।।
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Mahaveer Acharya
Barmer
Editor & chief
आचार्य समाचार ओनलाईन
acharyasamacharonline.blogspot.com

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