कोविड-19 काे देश-दुनिया में बुजुर्गों के लिए सर्वाधिक घातक माना गया है। बड़ी संख्या में 60 से अधिक उम्र के लोगाें की इससे माैत हुई भी है। इनमें से अधिकांश ऐसे थे जो कि क्रॉनिक डिजीज, यानी कि हृदयराेग, हाइपर टेंशन, ब्रेन हैमरेज, कैंसर, सांस व यूरिन जैसी बीमारियां से पीड़ित थे। हालांकि जोधपुर में 57 फीसदी बुजुर्ग पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
काेराेनाकाल के दाैरान प्रशासन की अाेर से 13,76,014 नागरिकाें में करवाए सर्वे में यह तस्वीर सामने आई है। सर्वे के अनुसार शहर में 1.01 लाख बुजुर्ग हैं। इनमें से 57,568 लोगाें काे काेई भी क्रॉनिक डिजीज नहीं है। यानी के ये लोग पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं। वहीं करीब 33,099 लोग इन क्राॅनिक डिजीज से पीड़ित भी हैं। संक्रमित होकर ठीक होने वाले और एक्टिव केस में बुजुर्गों का अनुपात 11 से 15 फीसदी तक है।
170 ने गंभीर बीमारियाें के बावजूद काेराेना काे मात दी
जोधपुर में पॉजिटिव से निगेटिव होने वाले मरीजों की संख्या 1332 हो गई है। इनमें 170 एेसे वेटर्न भी हैं, जिन्होंने गंभीर बीमारियों के बावजूद कोरोना को मात दी। डायबीटिज, हाइपरटेंशन, बीपी जैसी आठ गंभीर बीमारियों से ग्रसित 60 से 90 उम्र के इन 170 सरवाइवर्स ने कोरोना को हरा दिया। ये जाेधपुर के बुजुर्गाें की अच्छी रोग प्रतिरोधक क्षमता काे दर्शाता हैं। 10-15 बुजुर्ग तो ऐसे भी थे, जो एक माह तक अस्पताल में भर्ती रहकर स्वस्थ होकर घर लाैटे।
2.75 लाख घराें का सर्वे, सवा दो माह में 646 टीमाें ने किया
प्रशासन की 646 टीमाें ने शहर के 2.75 लाख घराें का 10 से 15 राउंड में सर्वे किया। घर-घर में बीएलओ व स्वास्थ्यकर्मियाें के सर्वे के आधार पर प्रशासन ने 60 से अधिक अायु के हाई रिस्क वाले 33,099 मरीज चिह्नित किए। कोरोना ज्यदा फैलता है या कोई गंभीर बीमारी होती है तो इन लोगों का पहला सर्वे कराया जाएगा। उनके साथ रहने वालों का पहले उपचार होगा, जिससे संक्रमण ज्यादा नहीं फैले। भविष्य की रणनीति बनाने में भी ये डेटा कारगर साबित हाेंगे।
- सर्वे में शामिल परिवार
2 लाख 75 हजार 203
- सर्वे में शामिल नागरिक
13 लाख 76 हजार 14
- 60साल से अधिक आयु वाले, जिन्हें क्रॉनिक डिजीज है33,099
- 50से 60 आयु वाले, जिन्हें क्रॉनिक डिजीज है11,326
- गर्भवती महिलाएं : 5,111
- सर्वे की अवधि सवा दो माह
- सर्वे के राउंड : 11 से 15 तक
- कोरोना के दौरान घर-घर सर्वे में कई तरह के डेटा एकत्र हुए हैं। सुखद पहलू ये है कि शहर में स्वस्थ बुजुर्गों की संख्या 57 हजार है। जबकि अन्य स्थानों पर ऐसा नहीं हैं। सर्वे में हाई रिस्क वाले बुजुर्ग व मरीज भी चिह्नित किए हैं। इस आधार पर प्रशासन को आगे की रणनीति बनाने में आसानी होगी। - प्रकाश राजपुरोहित, कलेक्टर, जोधपुर

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