कस्बे की करीब 42 हजार की आबादी को पिछले छह साल से एक दिन छोड़कर एक दिन पेयजल सप्लाई किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र में निर्धारित प्रति व्यक्ति 70 लीटर पानी उपलब्ध नहीं है। इनमें कहीं 30 तो कहीं 35 लीटर पानी प्रतिव्यक्ति सप्लाई हो रहा है। कहीं- कहीं तो इससे भी कम है। कस्बे में जहां 35 में से 15 वार्डों की ढाणी एवं कॉलोनियों में महिलाओं की दिनचर्या पानी की जद्‌दोजहद के साथ ही शुरू होती है। जलदाय विभाग से आंकड़ों के मुताबिक शहरी क्षेत्र में रोजाना 12 लाख लीटर पानी की आवश्यकता है, लेकिन जलदाय विभाग के जलस्त्रोतों से महज 8 लाख लीटर पानी की आवक है। वो भी जब रोजाना करीब 15 घंटे बिजली रहे।

पेयजल सप्लाई के लिए नाथूसर नदी स्थित ट्यूबवैल समेत कस्बे में कुल 28 टयूबवैल हैं, जिनमें वर्तमान में महज 4 ट्यूबवैल संचालित है। 24 ट्यूबवैलों का जल स्तर नीचे चले जाने के कारण ये ट्यूबवैल सूख चुके हैं। ऐसे में लोग पांच हजार लीटर के टैंकर के करीब 4 सौ रूपए तक खर्च कर रहे हैं। गौरतबल है कि पेयजल की समस्या दूर करने के लिए 923.44 लाख की लागत से पुर्नगठित शहरी जलप्रदाय योजना के तहत नाथूसर नदी से पानी कस्बे में लाने की योजना बनाई थी। योजना पूरी हो गई लेकिन पानी की समस्या बनी हुई है।

शहर में रोज 24 लाख लीटर की जगह 8 लाख लीटर पानी दे रहे
कस्बे के अधिकतर इलाकों में जलदाय विभाग की सप्लाई नहीं पहुंचने से लोगों को हर दिन 12 लाख लीटर पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। जलदाय विभाग के अनुसार कस्बे में रोजाना 12 लाख लीटर पेयजल की आवश्यकता है लेकिन रोजाना 8 लाख लीटर ही सप्लाई किया जा रहा है। एक सर्वे के मुताबिक शहर में 40 फीसदी घरों में पूरी सप्लाई नहीं मिल रही है। जल पंचायत के समन्वयक दिलीप शर्मा ने बताया कि दो दिन में एक बार सप्लाई आती है। इससे कई घरों में पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं हो पाती।
40 फीसदी घरों में नही है सीधी सप्लाई
कस्बे के 40 फीसदी लोग पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। ऐसे में जलदाय विभाग के द्वारा पेयजल संकट दूर करने के कोई प्रयास नहीं किए गए।
कई मोहल्लों में 20 मिनट सप्लाई
कस्बे में पेयजल सप्लाई का समय तय नहीं है। कभी भी सप्लाई शुरू कर दी जाती है। इसी वजह से कई कॉलोनियों में तो लोग रातभर जागते हैं। कुछ मोहल्लों में महज 20 मिनट ही सप्लाई की जाती है। विभाग के पास कस्बे में चालू हालत में 4 से ज्यादा ट्यूबवैल नहीं हैं।
^कस्बे में 28 ट्यूबवैलों में से 4 ट्यूबवैल संचालित हैं। रोजाना 12 लाख लीटर की आवश्कता है लेकिन 8 लाख लीटर पानी की आपूर्ति हो रही है। ऐसे में जल सप्लाई व्यवस्था गड़बड़ा रही है। कस्बे के लिए 2 ट्यूबवैलों की स्वीकृति मिल चुकी है जिनका जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
बृजकिशोर ढेनवाल, जेईएन श्रीमाधोपुर



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श्रीमाधोपुर. टंकी पर लगी महिलाओं की भीड़।
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