लॉकडाउन में बिजली की चोरी व छीजत बढ़ गई है। जोधपुर डिस्कॉम के अधीन आने वाले 10 जिलों में जोधपुर जिला वृत्त यानी ग्रामीण इलाका सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है। बिजली चोरी व छीजत के मामले में जोधपुर जिला पहले नंबर पर है। यहां पर रोजाना 2.85 करोड़ रुपए की बिजली चोरी व छीजत हो रही है। यानी प्रतिमाह 86 करोड़ रुपए का नुकसान यहीं से हाे रहा है।
नुकसान का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जोधपुर डिस्कॉम में रोजाना 23.8 फीसदी लॉस हो रहा है, जबकि जिले में 33.62 फीसदी तक चोरी व छीजत का आंकड़ा है। जोधपुर जिला वृत्त के एसई पीएस चौधरी का कहना है कि लॉकडाउन से विजिलेंस नहीं हो पा रही थी।
इसके चलते लॉसेज बढ़ गए। अब विशेष अभियान चलाकर बिजली चोरी पकड़ी जा रही है। दो दिन पहले जिले में एकसाथ 200 स्थानों पर बिजली चोरी पकड़कर शीट भरी गई। प्रवासियों के जोधपुर आने के कारण भी बिजली खपत बढ़ गई है।
बिजली चोरी से हो रहे नुकसान को ऐसे समझिए...
- 750 लाख यूनिट (एलयू) डिस्कॉम में रोजाना बिजली की खपत में से
- 26% जोधपुर जिले में बिजली खपत हो रही है।
- 23.8%डिस्कॉम में बिजली चोरी की दर
- 2.85 करोड़औसत 4.35 पैसे प्रति यूनिट की दर मानें तो रोजाना नुकसान।
- 65.55%एलयू चोरी की दर के हिसाब से बिजली तो चोरी में ही जा रही है।
- 195 एलयू अकेले जोधपुर जिले में
- 75-80%(1/3 खपत) इसमें से खपत कृषि क्षेत्र में।
- 33.62%जबकि जोधपुर में 33.62%
- 85-90 करोड़ रुपए हर माह की चपत।
जोधपुर जिला इसलिए चोरी में नंबर वन
- जिले में कुल 4.50 लाख बिजली कनेक्शन, इनमें से 70 हजार कृषि कनेक्शन।
- सिंगल फेज कनेक्शन पर सेल लगाकर थ्री फेज के पंप चलाना।
- बिजली की लाइनों से सीधे ही तार लगाकर चोरी करना।
- स्वीकृत लोड से ज्यादा क्षमता का पंप चलाना। जैसे 30 एचपी स्वीकृत है तो 40 या 50 एचपी क्षमता का पंप बिना अनुमति चलाना।
एक साल में 4.67 करोड़ की बिजली चोरी पकड़ी
- 2487 जिले में चोरी के प्रकरण
- 4.67करोड़ चोरी की अनुमानित राशि
- 1.41करोड़ रुपए जमा करवाए गए
- 231 कुल एफआईआर दर्ज
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