बुधवार का दिन जिले के लाेगाें के लिए बहुत राहत भरा रहा है। काेराेना संक्रमित 8 मरीज पूर्ण स्वस्थ हाेने के बाद घर लाैट गए हैं। काेई नया मरीज भी संक्रमित नहीं पाया गया है। अब जिन मरीजाें की रिपाेर्ट निगेटिव आई है उनके घराें के आसपास जल्दी ही कर्फ्यू भी हटाया जा सकता है।
हालांकि जिला अस्पताल में अब भी 25 मरीजाें का उपचार जारी है। जिन मरीजाें काे बुधवार काे जिला अस्पताल से छुट्टी दी गई उनमें इंदिरा काॅलाेनी निवासी महिला जाे महाराष्ट्र से लाैटी थीं, जवाहरनगर सेक्टर पांच निवासी दिल्ली से लाैटी महिला, पी ब्लाॅक निवासी गुड़गांव से लाैटे व्यक्ति के साथ ही पुरानी आबादी के वार्ड 14 राजेंद्रा स्कूल के निकट काेराेना पाेजिटिव परिजन के संपर्क में आकर संक्रमित हुई युवती शामिल हैं।
इसके अलावा सादुलशहर निवासी गुड़गांव से आई महिला, सूरतगढ़ के वार्ड 43 निवासी दिल्ली से लाैटा युवक, करणपुर के 39 जीजी निवासी दिल्ली से आया युवक व उसके पिता तथा पदमपुर के बींझबायला निवासी मरीज काे स्वस्थ हाेने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
हाेटल में ठहरे मुनीम सहित हाेटल पूरे स्टाफ की रिपाेर्ट निगेटिव आई
गाेल बाजार में हाेटल पैगाेडा में 19 जून काे पॉजिटिव पाए गए रीकाे स्थित ऑयल मिल के मुनीम की काेविड जांच रिपाेर्ट मंगलवार काे निगेटिव आई है। इसके साथ ही हाेटल स्टाफ के 14 सदस्योंकी जांच रिपाेर्ट भी निगेटिव आई है। पीएमओ केशव कामरा ने बताया कि मरीज तथा उसके संपर्क में आए 14 सदस्याें के लिए गए नमूनाेंं की जांच रिपाेर्ट निगेटिव आई है।
इधर हाेटल संचालक गाैरीशंकर बंसल ने बताया कि जांच रिपाेर्ट निगेटिव आने के बाद अब कलेक्टर से मिलकर गाेल बाजार में लगाया गया कर्फ्यू हटाने अथवा उसका दायरा कम करने की मांग की जाएगी।
हर ब्लाॅक से 50 रेंडम सैंपल लेंगे, 60 से अधिक आयु वालों के अनिवार्य
सीएमएचओ डाॅ गिरधारीलाल मेहरड़ा के अनुसार जिले के सभी ब्लाॅक से राेजाना 50 रेंडम सैंपलिंग का लक्ष्य तय किया गया है। इस संबंध में संसाधन प्रत्येक ब्लाॅक काे उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य है कि रेंडम सैंपलिंग 60 साल से ऊपर की आयु के नागरिक, शुगर के मरीज, गर्भवती महिलाएं, दूध बेचने वाले, सब्जी बेचने वाले, दुकानदाराें के नमूने लिए जाएंगे।
क्याेंकि इन सभी श्रेणी के लाेगाें पर संक्रमण अधिक फैलने का खतरा बरकरार है। उन्हाेंने कहा कि बाहर से आने वाले हर व्यक्ति से आग्रह है कि वे बिना किसी के संपर्क मेंं आए अपनी जांच जिम्मेदारी के साथ करवाएं।
आगे क्या: मरीज के परिवार की हिस्ट्री नहीं हाेने पर हटा सकते हैं कर्फ्यू
काेविड के जिला सह प्रभारी डाॅ एच एस बराड़ बताते हैं कि जिन मरीजाें काे छुट्टी दी जा चुकी है, उनके घराें के आसपास भी कम से कम 10 दिन ताे कंटेनमेंट जाेन बनाकर रखना ही हाेगा। इसके अलावा अगर ठीक हुए मरीज के परिवार की काेई हिस्ट्री नहीं है ताे उस एरिया में कर्फ्यू हटाने पर विचार किया जा सकता है।
जिन मरीजाें के परिवार के सदस्य भी संपर्क में आकर भर्ती हैं, उस एरिया में तब तक कर्फ्यू नहीं हटाया जा सकता जब तक सभी संपर्क व्यक्ति की रिपाेर्ट निगेटिव नहीं आ जाती है। इसलिए स्वस्थ हाेकर घराें काे लाैट रहे मरीजाें की हिस्ट्री का परीक्षण करने के बाद ही कंटेनमेंट जाेन हटाने, कम या ज्यादा करने के बारे में निर्णय हाेगा।
पीएमओ डाॅ. केशव कामरा और काेविड प्रभारी डाॅ. पवन सैनी ने बताया कि ये सभी मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल में 25 मरीजाें का उपचार जारी है। मंगलवार काे भेजे गए सभी नमूनाें की रिपाेर्ट निगेटिव आई है। बुधवार काे भेजे गए 198 नमूनाें की जांच रिपाेर्ट देर रात तक नहीं मिली।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Via Dainik Bhaskar https://ift.tt/1PKwoAf
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें