पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले आरोपी पति को एडीजे संख्या 1 नीतू आर्य ने जमानत देने से इनकार कर प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। मामले के अनुसार परिवादी सोनाराम ने गत 11 मार्च को रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसकी लड़की मुमताज की शादी दिसंबर 2007 को पेमाराम के साथ रीति-रिवाज से की थी।

शादी के बाद उसकी बेटी के चार लड़कियां व एक लड़का हुआ। आरोपी प्रेमाराम आदतन शराबी है। हमेशा शराब पीकर उसकी बच्ची के साथ मारपीट करता रहता था। इस घटना से पहले भी पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। गत 10 मार्च को आरोपी व उसकी बेटी दोनों उसके घर आए और खाना खाकर वापस गए। करीब तीन बजे उसकी पत्नी के फोन पर कॉल आया कि उसकी बेटी की तबीयत खराब हो गई है।

एमडीएम अस्पताल लेकर गए हैं। डॉक्टर ने जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया है। उसके दोनों पैरों पर लोहे की रॉड से गंभीर चोट के निशान थे। पीठ व बगल में कुल्हाड़ी से काटने के निशान थे। पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 में मुकदमा दर्ज किया और जांच के बाद आत्महत्या के लिए उकसाने पर आईपीसी की धारा 306 में आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया।

आरोपी ने अपने आपको निर्दाेष बताकर जमानत देने का आग्रह किया, जबकि अपर लोक अभियोजक अनिल सिंह देवड़ा ने जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने पत्रावली के अवलोकन के बाद कहा कि मृतका के साथ मारपीट करने व उसके पश्चात मृतका द्वारा फांसी लगाने से उसकी मृत्यु होना बताया गया है। कोर्ट ने गंभीर प्रकृति के आरोप को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।



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