222 साल बाद पहली बार ऐसा मौका है, जब भारत से कोई भी हज यात्रा पर सऊदी अरब नहीं जा सकेगा। कोरोना वायरस की वजह से हज रद्द होने के चलते सभी का पैसा बिना किसी कटौती के नकद हस्तांतरण के जरिए वापस कर दिया जाएगा। इन्हें अगले साल हज के लिए फिर से आवेदन करना होगा।
इधर, विभिन्न कमेटी और संगठनाें ने 2020 के चयनित हज यात्रियों को 2021 में बिना आवेदन व लॉटरी के चयनित कर हज पर भेजने की मांग की। बता दें कि इस बार राजस्थान में कुल 8241 आवेदन में से 5349 का चयन हुआ था। इसमें उदयपुर शहर से 125 सहित संभाग से कुल 365 हज यात्री शामिल थे।
चयनित लोगों की जमा राशि उनके खाते में आ जाएगी। इसके लिए आवेदन में दी खाता संख्या की जांच कर लें, यदि खाता संख्या गलत दर्ज है या कोई गलती हो, ताे पासबुक की फोटो कॉपी या कैंसिल चेक लगाकर देना होगा।
जकात के बाद बचने वाली रकम से होता है हज
हिलाल कमेटी के सदर मौलाना जुलकर नैन ने बताया कि इस्लाम के पांच स्तंभ तोहिद, नमाज, रोजा, जकात और हज है। हज जिंदगी में एक मर्तबा हर ऐसे मुसलमान पर फर्ज है, जो आजाद, आकील, बालिग और तंदुरुस्त हो। साथ ही जिसके पास जरूरत-ए-अस्लिया (घर, लिबास, सवारी, घरेलू सामान, कर्ज) से जाईद और अपनी गैर मौजूदगी में अहलो अयाल के एखराजात के अलावा इतना माल हो कि आदत और हैसियत के मुताबिक खान-ए- काबा तक आने-जाने का खर्च (सफ़रि अ एखराजात) काफी हो। अगर जकात निकालने के बाद हाजी के खाना ए काबा तक जाकर वापस आने तक रकम बचती है, तो उस पर हज करना वाजिब है।
45 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को मिलेगी छूट
^केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 45 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं ने इस बार जो आवेदन किया था। उन्हें 2021 में नया आवेदन नहीं करना होगा। उदयपुर से 9 और राज्य में 30 महिलाअाें काे राहत मिलेगी। इस साल उन्हें भी रकम वापिस हो जाएगी, लेकिन वे जाना चाहे तो अगले साल बिना आवेदन किए रकम जमा कराने के बाद हज पर जा सकती है।
जहीरुद्दीन सक्का, संयोजक, जिला हज कमेटी
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