सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत कॉविड-19 महामारी के चलते पोस मशीन से राशन वितरण की व्यवस्था को बायोमेट्रिक सत्यापन के स्थान पर ओटीपी से शुरू किया गया था, लेकिन इसके फर्जीवाड़े को देखते हुए विभाग ने अब फिर से बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की गई है।
अब इसके चलते हो रहे फर्जीवाड़े पर लगाम लग सकेगी वर्तमान में चल रही ऑफलाइन उचित मूल्य की दुकानों के अलावा राशन वितरण के समस्त ट्रांजेक्शन पोस मशीन द्वारा बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही किए जाएंगे। इसमें अब उपभोक्ताओं को पोस मशीन पर अंगूठा लगाना होगा। उसके बाद ही उसका वितरण हो पाएगा। दरअसल कोरोना संकट के चलते विभाग ने सभी उचित मूल्य की दुकानों पर ऑफलाइन व्यवस्था कर दी गई थी। इससे उपभोक्ताओं को राशन सामग्री का वितरण आधार कार्ड के आधार पर कर दिया जाता था। इस व्यवस्था से राशन डीलरों ने फर्जीवाड़े भी किए और उपभोक्ता के आधार नंबर डालकर गेहूं निकालकर डकार गए। ग्रामीण क्षेत्र में डीलरों के अन्य ग्राम पंचायतों के उपभोक्ताओं के गेहूं आधार नंबर से निकाल लिए।

इन सब फर्जीवाड़े को देखते हुए आप फिर से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने यू-टर्न लिया है। विभाग ने निर्देश दिए गए हैं कि राशन की दुकान पर साफ सफाई के बेहतर व्यवस्था हो कार्य करने वाले सभी लोग मास्क और ग्रह ने सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए दुकान के सामने गोले बनाकर उसमें खड़े होकर अपनी बारी के लिए प्रतीक्षा करें। 20 फीसदी सामग्री का तो हो गया वितरण। ग्रामीण क्षेत्र में संचालित उचित मूल्य दुकानदारों ने बताया कि विभाग ने आदेश तो जारी कर दिए, लेकिन उपभोक्ता पखवाड़े के तहत आदेशों से पहले 20 फीसदी तक तो पुरानी व्यवस्था के तहत राशन सामग्री का वितरण हो चुका है। उपभोक्ताओं को नए आदेश के तहत पोस मशीन से वितरण किया जा रहा है।



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