नगर परिषद में पंजीकृत प्रत्येक स्ट्रीट वेंडर को अब 10 हजार रुपए तक का लोन मिल सकेगा। इसके लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन प्रकिया शुरू हो गई है। इससे रेहड़ी-पटरी वाले बिना किसी देरी के अपना काम फिर से शुरू कर सकेंगे। सरकार ने इसे पीएम स्व निधि स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर का नाम दिया है। इसको लेकर नगरपरिषद में स्वायत्त शासन विभाग से गाइडलाइन पहुंच चुकी है। योजना के तहत हर स्ट्रीट वेंडर 10,000 रुपए तक लोन ले सकता है।

इस राशि को रेहड़ी-पटरी वाले एक साल के भीतर किश्त में लौटा सकते हैं। इस लोन को समय पर चुकाने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को सात फीसदी का वार्षिक ब्याज सब्सिडी के तौर पर उनके अकाउंट में सरकार की ओर से ट्रांसफर किया जाएगा। इस स्कीम के तहत जुर्माने का कोई प्रावधान नहीं है।

सभापति रेखा राकेश भाटी ने बताया कि इसके लिए आवेदन वही लोग कर सकते हैं जोकि परिषद में पंजीकृत हैं। आवेदन के साथ ही परिषद से स्ट्रीट वेंडर्स का प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है। सरकार ने यह योजना प्रदेश में पाली सहित 12 जिलों, जहां पर शहरी आजीविका केंद्र हैं वहां पर लागू की है।

जानिए, इस योजना की खास बातें
सभापति रेखा भाटी ने बताया कि मोबाइल एप और वेब पोर्टल आधारित आवेदन प्रक्रिया है। इस लोन के लिए किसी तरह की गारंटी की नहीं जरूरत नहीं है। एक साल के लिए 10,000 रुपए तक का शुरुआती कर्ज समय पर या उससे पहले कर्ज के भुगतान पर सात फीसदी की ब्याज सब्सिडी मिलेगी।

पात्र लेनदारों को छमाही आधार पर सब्सिडी का भुगतान किया जाएगा। पहले लोन के समय पर और जल्द भुगतान की स्थिति में अधिक लोन की एलिजिबलिटी एवं डिजिटल लेनदेन की रसीद या भुगतान पर मासिक कैशबैक की सुविधा मिलेगी।

जिला मुख्यालय पर डे-एनयूएलएम के तहत 650 स्ट्रीट वेंडर्स पंजीकृत
सभापति भाटी ने बताया कि शहर में 650 स्ट्रीट वेंडर्स नगरपरिषद में डे-एनयूएलएम के तहत पंजीकृत है। जाे शेष रह गए है उनका माैके पर जाकर पंजीकरण किया जा रहा है। इनको परिषद की ओर से प्रमाण-पत्र देने की प्रक्रिया चल रही है। प्रमाण-पत्र लेने के बाद स्ट्रीट वेंडर्स योजना के तहत आवेदन कर लोन और सब्सिडी का फायदा ले सकेंगे।

माैके पर जाकर कर रहे पंजीकरण

  • लाॅकडाउन में स्ट्रीट वेंडर्स की हालत खस्ता हाे गई थी। उनकाे मुख्यधारा में लाने के लिए याेजना बनाई गई है। 10 हजार का लाेन लेकर वे दाेबारा काम शुरू कर सकेंगे। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। जाे शेष बचे हैं, उनका पंजीकरण माैके पर जाकर किया जा रहा है। - रेखा भाटी, सभापति नगर परिषद


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