लंबे इंतजार के बाद जिले में मंजूर हुआ मेडिकल कॉलेज दम तोड़ता नजर आ रहा है। यह कॉलेज दस महीने पहले मंजूर हुआ था, लेकिन इन बीते दस दिनों में इसके नाम पर केवल जमीन आवंटित हुई। इसके बाद सरकार ने ना तो बजट दिया और ना ही इसकी फाइल आगे बढ़ी। हालत ये है कि जो जमीन आवंटित हुई। उस पर तारबंदी तक नहीं हो पाई। ऐसे में सवाल उठता है कि जिस कॉलेज को दो साल में तैयार हो जाना चाहिए था क्या ऐसी स्थिति में वह पांच साल में भी तैयार हो सकेगी।
मामले में दो दिन पहले ही पीएमओ ने चिकित्सा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रमुख शासन सचिव मेडिकल शिक्षा काे बजट आवंटित करने के लिए पत्र भेजा है। लिखकर बजट की मांग की है ताकि कॉलेज का काम जल्द शुरू किया जा सके। दैनिक भास्कर ने इस पूरे मामले की जानकारी जुटाई तो चाैंकाने वाली हकीकत सामने आई। सरकार ने कॉलेज के भवन निर्माण के लिए टेंडर तक नहीं निकाले हैं। काॅलेज निर्माण में बजट का 60 प्रतिशत हिस्सा केन्द्र सरकार 40 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार को देना है।
सितंबर में घोषणा, नवंबर में जमीन दी इसके बाद सब बंद
- जिले में कॉलेज के लिए सितंबर 2019 में घोषणा हुई थी। राज्य सरकार ने इसका नोटिफिकेशन जारी किया था।
- इसके बाद 7 नवंबर 2019 काे समसपुर में 20 एकड़ जमीन आवंटित की गई, लेकिन इस पर आज तक तारबंदी नहीं हुई।
- घोषणा और जमीन आवंटन के बाद इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ। उस वक्त जनप्रतिनिधियों ने भी वाहवाही लूटने की कोशिश की, लेकिन अब कोई नहीं बोल रहा।
टैंडर सबसे जरुरी था, वही नहीं हुआ
मेडिकल कॉलेज के लिए सबसे जरुरी है भवन। जमीन आवंटन के बाद भवन निर्माण के लिए टैंडर जारी होने थे। सरकार यह काम भी नहीं कर पाई। जबकि घोषणा के समय कहा गया कि जल्द ही टैंडर जारी होंगे। टेंडर का काम मेडिकल एज्यूकेशन डिर्पाटमेंट और राज्य सरकार काे करना है। खास बात ये है कि सरकार ने भवन निर्माण की डिजाइन के लिए आर्किटेक्ट नियुक्त कर दिया, लेकिन इनकी नियुक्ति के बाद आठ महीने से प्लान भी नहीं बन सका है।
जरुरी नियुक्तियां भी नहीं की
मेडिकल काॅलेज के लिए जिन दाे अधिकारियाें की सबसे पहले नियुक्ति हाेनी थी। इनमें एक प्राचार्य और दूसरा नाेडल अधिकारी नियुक्त नहीं हाेने से मेडिकल काॅलेज का मामला खटाई में पड़ गया। मेडिकल काॅलेज के लिए प्राचार्य की नियुक्ति सबसे अहम कड़ी है। जाे मेडिकल काॅलेज के निर्णय कर सकते हैं। अभी तक नाेडल अधिकारी भी नियुक्त नहीं किया गया है। जाे मेडिकल कॉलेज की पूरी प्रक्रिया प्राचार्य के सहयाेग से पूरी करता है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Via Dainik Bhaskar https://ift.tt/1PKwoAf
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें