नगर निगम की माली हालत फिर से खराब होती जा रही है। निगम के खजाने की हालत ये है कि कर्मचारी रिटायर हो रहे है, उन्हें ग्रेच्युटी की राशि तक नहीं मिल रही है। जीवन भर नाैकरी करने के बाद उन्हें खाली हाथ घर भेजा जा रहा है। पिछले 7 महीनों में रिटायर हुए 55 कर्मचारियों का 3.50 करोड़ रुपए नगर निगम कोटा पर बकाया चल रहा है।
निगम के लिए ये मामूली रकम है, लेकिन कर्मचारियों के लिए तो जीवन भर की पूंजी है। कर्मचारियाें के वेतन से ग्रेच्युटी का पैसा हर माह कटकर जमा हाेता रहता है और रिटायरमेंट के समय उन्हें एकमुशत दिया जाता है। पहले नगर निगम में कर्मचारियाें की संख्या काफी अधिक थी, ताे सभी का पैसा कटता था और निगम के अकाउंट में बड़ी राशि जमा रहती थी।
अब पिछले कई वर्षाें से नगर निगम में कर्मचारी रिटायर ताे हाे रहे हैं, लेकिन नई भर्ती नहीं हाे रही है। ऐसे में ग्रेच्युटी की मद में जमा हाेने वाला पैसा कम हाे गया, रिटायरमेंट अधिक हाेने से खजाना खाली हाेने लगा। पिछले 7 माह से स्थिति इतनी खराब हाे गई कि जाे भी कर्मचारी रिटायर हाेकर जा रहा हैं, उसे ग्रेच्युटी का पैसा नहीं दे पा रहे हैं। इस दाैरान जाे 55 कर्मचारी रिटायर हाेकर गए, वे खाली हाथ गए। जिनका 3.50 कराेड़ रुपए नगर निगम काे देना शेष है। अपनी राशि के लिए ये कर्मचारी निगम से लेकर काेष कार्यालय तक के चक्कर काट रहे हैं।
पहले भी आया था संकट, तब दूसरे फंड से दिए थे 10 करोड़
करीब 3-4 साल पहले भी नगर निगम के सामने दाे बार ऐसी स्थिति आई थी। उस समय भी रिटायरमेंट पर नगर निगम ग्रेच्युटी का पैसा नहीं दे पा रहा था। करीब 10 कराेड़ रुपए कर्मचारियाें का शेष था। तब तत्कालीन आयुक्त शिवप्रसाद एम. नकाते ने निगम के अन्य काेष से 6 कराेड़ इस फंड में डाले थे। उसके बाद एक बार तत्कालीन आयुक्त डाॅ. विक्रम जिंदल ने 4 कराेड़ रुपए डलवाए थे। तब जाकर कर्मचारियाें काे ग्रेच्युटी की राशि मिल पाई थी।
जल्द ही दूर कर देंगे यह परेशानी : मालावत
^कर्मचारियाें ने इस संबंध में मुझे अवगत करवाया है। उनकी ग्रेच्युटी की राशि उन्हें दिलवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में कार्यवाही शुरू कर दी गई है। मेरा मानना है कि जल्द ही इस परेशानी का समाधान कर दिया जाएगा और अटकी हुई राशि रिलीज कर दी जाएगी।
- वासुदेव मालावत, आयुक्त, नगर निगम
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Via Dainik Bhaskar https://ift.tt/1PKwoAf
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें