सचिन पायलट समेत 19 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता नोटिस मामले में हाईकोर्ट में सोमवार को 8 घंटे सुनवाई चली। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से अभी बहस पूरी नहीं हो पाई है, इसलिए मंगलवार सुबह 10:30 बजे फिर सुनवाई होगी। सीजे इन्द्रजीत महान्ति व जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने यह निर्देश 19 विधायकों की याचिका पर दिया।
सिंघवी ने कहा- याचिका में जो मुद्दे उठाए गए, उन्हें सुप्रीम कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है
स्पीकर की ओर से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि स्पीकर के आदेश को सीमित ग्राउंड पर ही चुनौती दी जा सकती है लेकिन इस याचिका में वह ग्राउंड ही नहीं है। संविधान ने स्पीकर को विधानसभा संचालन का अधिकार दिया है और ये नियम संविधान का हिस्सा है। स्पीकर के पास विधायक को अयोग्य घोषित करने व नियम बनाने का हक है। इसकी न्यायिक समीक्षा नहीं हो सकती। याचिका में जो मद्दे उठाए गए हैं, उन्हें सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है। एमएस सिंघवी ने भी पक्ष रखा।
पार्टी के आंतरिक मामलों में अयोग्यता का नोटिस देना मूल अधिकारों का हनन: साल्वे
पायलट के वकील हरीश साल्वे ने कहा- पार्टी के आतंरिक मामलों में अयोग्यता का नोेटिस देना मूल अधिकारों का हनन है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि मंगलवार को व्यस्त हैं, उन्हें बुधवार को पैरवी करने का समय दें। लेकिन कोर्ट ने मना कर दिया।
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