(संदीप शर्मा) सरकार और निजी अस्पतालों के बीच हर दिन नया विवाद सामने आ रहा है। सरकार के एक आदेश ने निजी अस्पतालों को परेशान कर दिया है। वजह यह कि - सरकार ने लिखित आदेश जारी कर कहा है कि कोई भी निजी अस्पताल ओपीडी के माध्यम से लोगों के कोरोना टेस्ट नहीं कराएं। यदि किसी मरीज में लक्षण दिखते हैं तो उसे पहले एडमिट किया जाए और उसके बाद ही कोरोना टेस्ट कराएं।
अब निजी अस्पताल संचालकों का कहना है कि सरकार सभी नियम केवल निजी अस्पतालों के लिए क्यों लगाती है। वहीं सवाल यह भी है कि जब सरकार को पता है कि बिना लक्षण वाले भी पॉजिटिव आ रहे हैं तो लक्षण वालों का ओपीडी से टेस्ट क्यों नहीं करा सकते।
तो किसी भी अस्पताल में शायद ही जगह मिले
यदि निजी अस्पताल संदिग्ध मरीजों को भर्ती करना शुरू करते हैं तो संभव है कि अस्पतालों में अन्य मरीजों के लिए जगह ही नहीं बचे।रोजाना 20 मरीज भी एडमिट करते हैं तो महज 15 दिन में अस्पताल भर जाएंगे और विकट हालात दिखने लगेंगे। वहीं मरीज को भर्ती करने के साथ ही आर्थिक भार भी बढ़ना तय है। क्योंकि अस्पताल में हर दिन के कम से कम 1000 रुपए तो लगेंगे ही। वहीं यदि निजी अस्पताल से टेस्ट कराया जाता है तो उसके भी 2200 रुपए लगेंगे।
इंश्योरेंस कंपनी भी नहीं देंगी पैसा
निजी अस्पताल लोगों को भर्ती करते भी हैं तो रिपोर्ट निगेटिव आती है तो इंश्योरेंस कंपनियां उसे कोई पैसा नहीं देंगी। ऐसे में व्यक्ति का हर तरफ से आर्थिक नुकसान भी तय है। ऐसे में अस्पताल इलाज पर हुए खर्च की भरपाई कहां से करेंगे।
यह मामला भी नहीं सुलझ रहा
आयुष्मान भारत महात्मा गांधी स्वास्थ्य योजना में निजी अस्पताल इलाज से मना कर चुके हैं। अभी सरकार वर्सेज निजी अस्पताल का मामला सुलझा नहीं है। ऐसे में आमजन परेशान है। बात यह भी कि सरकारी अस्पतालों में भी पूरी तरह से इलाज नहीं मिल रहा है और निजी अस्पताल योजना के तहत भर्ती ही नहीं कर रहे हैं।
आम आदमी पर कितना आर्थिक भार बढ़ जाएगा, यह भी विचारणीय है
निजी अस्पतालों पर ही सरकार की मनमानी चलती है। पहले आयुष्मान भारत महात्मा गांधी स्वास्थ्य योजना का नियम मरीजों को परेशान कर रहा था, अब यह नया नियम। यदि सरकार को यह सही ही लगता है तो सरकारी अस्पतालों पर भी यही नियम लागू करे। एक आम आदमी पर कितना आर्थिक भार बढ़ जाएगा, यह भी विचारणीय है। सरकार के सामने बात रख दी है।
-डॉ. विजय कपूर, सेक्रेट्री, पीएचएनएस
- मामला जानकारी में आया है, सोमवार को इस पर वार्ता करेंगे।
- अखिल अरोड़ा, प्रिंसीपल सेक्रेट्री
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