रेलवे कॉलोनी थानाधिकारी हंसराज मीणा को थाने के एएसआई द्वारा रिश्वत लेने के मामले में एसपी गौरव यादव ने शनिवार को लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं, ट्रैप हुए एएसआई गोविन्द सिंह को निलंबित कर दिया गया है। गौरतलब है कि एसीबी न्यायालय ने 20 हजार रुपए की रिश्वत के मामले में रेलवे कॉलोनी थानाधिकारी व बिचौलिए की जांच के आदेश एसीबी को दिए थे।
दरअसल, एसीबी कोटा ग्रामीण ने 16 जुलाई को रेलवे कॉलोनी थाने के एएसआई गोविंद सिंह को 20 हजार रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। घूस मारपीट के एक मामले में नाम शामिल नहीं करने और गिरफ्तारी नहीं करने की एवज में ली गई थी। एसीबी में भीमगंजमंडी निवासी टीपू ने शिकायत दी थी कि उसके दोस्त जुनैद के मुकदमे में पुलिस टीपू और रवि अरोड़ा को गिरफ्तार करने की धमकी दे रही है।
एएसआई गोविंद सिंह घूस मांग रहे हैं। उक्त प्रकरण में शुक्रवार को कोर्ट में सीआई हंसराज मीणा व बिचौलिए महेन्द्र की भूमिका की जांच के लिए ई-मेल से शिकायत की थी। जिस पर कोर्ट ने एसीबी कोटा ग्रामीण को जांच के आदेश दिए। वहीं, फरियादी ने उक्त मामले में सीआई हंसराज बेकसूर बताया।
एएसआई को जमानत खारिज
रिश्वत के मामले में न्यायालय विशिष्ट न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) प्रमोद कुमार मलिक ने आरोपी रेलवे कॉलोनी थाने के एएसआई गोविंद सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
मैं बेकसूर हूं : सीआई
रेलवे कॉलोनी सीआई हंसराज मीणा ने बताया कि मुझे पूरे मामले से नहीं न कोई लेना-देना नहीं है। मैं तो खुद हर तरह की जांच के लिए हर तरह से तैयार हूं। कोई भी एजेंसी जांच कर लें। न्यायालय और अधिकारियों के आदेश की पालना पहले भी करता आया हूं और आगे भी करूंगा।
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