विधायकाें की खरीद-फराेख्त मामले में बांसवाड़ा का कुशलगढ़ क्षेत्र स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की राडार पर है। अब बांसवाड़ा में एक और भाजपा नेता कुशलगढ़ के करणीसिंह काे नाेटिस जारी किया गया है। करणीसिंह पूर्व में जिला कार्यसमिति के सदस्य रह चुके हैं। कुशलगढ़ में इनका अच्छा प्रभाव है। बिल्डिंग और सड़काें के ठेकेदार है। साथ ही उनके खरीद-फराेख्त में आराेपी माने गए और एसओजी की ओर से गिरफ्तार अशाेकसिंह मेतवाला के खास करीबी भी माने जाते हैं।

मेतवाला काे न्यायिक हिरासत में भी भेजा जा चुका है। इस मामले में एसओजी द्वारा बागीदाैरा विधायक महेंद्रजीतसिंह मालवीया, विधायक रमीला खड़िया काे पहले ही नाेटिस जारी किए जा चुके हैं। वहीं अब एक नया नाम करणीसिंह का सामने आने से यह साफ हाे रहा है कि पूरे प्रदेश में विधायकाें की खरीद फराेख्त में बांसवाड़ा डूंगरपुर जिले के विधायक ही निशाने में थे।

रमीला खड़िया से लगातार संपर्क साधे था करणी सिंह

सामने आ रहा है कि करणी सिंह कुशलगढ़ विधायक खड़िया से लगातार संपर्क में था। करणीसिंह और अन्य कुछ भाजपा नेता विधानसभा चुनाव में भीमाभाई के खिलाफ थे। भाजपा के इस गुट ने विधायक खड़िया काे अंदरुनी ताैर पर मदद की थी।

राजस्थान का सियासी संकट; राज्यसभा चुनाव से पहले की एक शिकायत, 3 जुलाई को एसओजी एडीजी बदला, 10 जुलाई को केस दर्ज और गिरफ्तारी

12 जून की शिकायत

  • 8 जून को प्रदेश में कांग्रेस व समर्थित निर्दलीय 10 से 12 विधायकों ने सीएम अशोक गहलोत से शिकायत कर कहा कि दिल्ली से भाजपा के बड़े नेता उन्हें फोन कर लालच दे रहे हैं।
  • 12 जून काे मुख्य सचेतक महेश जाेशी ने एसओजी एंड एटीएस व एसीबी में लिखित शिकायत दी।
  • 13 जून को एसओजी ने अवैध माइनिंग तथा अवैध हथियार सप्लाई के शक में दाे लाेगाें के माेबाइल नंबर सर्विलांस पर लिया। इसी दिन सरकार ने राज्यसभा चुनाव के चलते विधायकाें की बाड़ाबंदी कर दी गई। महेश जोशी को एसओजी ने 3 बार बयानों के लिए बुलाया, लेकिन वे चुनाव में व्यस्त थे।
  • 19 जून राज्यसभा चुनाव के बाद एजेंसियां जांच करती रहीं। इसके बाद 14 दिन तक न तो एसओजी ने महेश जोशी को बुलाया, ना ही वे गए।

फिर 7 दिन में एसओजी का त्वरित कार्रवाई

  • 3 जुलाई की रात काे सरकार ने एसओजी के अफसराें सहित पुलिस महकमे का ताना-बाना बदल दिया गया। एसओजी एडीजी अनिल पालीवाल काे हटाकर अशाेक राठाैड़ काे एडीजी लगाया। एसओजी में दाे डीआईजी शरत कविराज एवं विकास कुमार और अंशुमन भाैमिया काे डीआईजी एटीएस लगाया गया।
  • 10 जुलाई को एसओजी ने सरकार गिराने व विधायकों को खरीदने के आरोप में एफआईआर दर्ज की। ये वही लोग थे जिनके फोन 13 जून काे सर्विलांस पर लिए थे। दाेनाें की बातचीत में दाे विधायकाें का भी जिक्र था।
  • 11 जुलाई एसओजी ने दाेनाें आराेपियों उदयपुर निवासी अशाेक सिंह तथा ब्यावर निवासी भरत मालानी काे गिरफ्तार कर लिया। एसओजी के बाद एसीबी ने भी 3 निर्दलीय विधायकाें के खिलाफ पीई दर्ज कर जांच शुरू की। एसओजी ने मुख्यमंत्री अशाेक गहलाेत, सचिन पायलट व 13 विधायकाें काे बयानाें के लिए नाेटिस भेजे।
  • 16 जुलाई को 3 ऑडियाे वायरल हुए, जिसमें विधायक भंवर लाल शर्मा, गजेन्द्र सिंह व दलाल संजय जैन आपस में विधायकाें के खरीद-फराेख्त संबंधी बातें कर रहे हैं।
  • 17 जुलाई से अब तक मुख्य सचेतक महेश जाेशी ने एसओजी काे लिखित में रिपाेर्ट दी। एसओजी ने मामला दर्ज कर संजय जैन काे गिरफ्तार किया। साथ ही विधायक भंवर लाल शर्मा से पूछताछ के लिए एसओजी टीम तीन दिन से गुरुग्राम-दिल्ली में तलाश कर रही है, मगर वे नहीं मिल रहे।


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मप्र सरकार के पंचायतीराज मंत्री जगदीश देवड़ा के साथ करणी सिंह।
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