प्रदेश में सियासी संकट का सामना कर रही कांग्रेस ने शनिवार को भाजपा के खिलाफ हल्ला बोल प्रदर्शन किया। लेकिन मंच पर चले सियासी बाणों की जद में सिर्फ भाजपा ही नहीं बल्कि राज्यपाल कलराज मिश्र व सचिन पायलट भी रहे।
शुक्रवार को राजभवन के घेराव के बाद कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ऐलान किया था कि शनिवार को कांग्रेस की सभी जिला इकाइयां अपने क्षेत्रों में भाजपा के खिलाफ धरने प्रदर्शन करेंगी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा देशभर में लोकतंत्र की हत्या कर चुनी हुई सरकारों को गिराने का काम कर रही है।
शनिवार सुबह 11 बजे जयपुर में जयसिंह हाईवे के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हुई। करीब 250 पदाधिकारी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदेश भर में हुए इस धरने प्रदर्शन का कॉर्डिनेशन की जिम्मेदारी निभाने वाले कांग्रेस नेता मुमताज मसीह ने बताया कि प्रदेश के सभी 39 संगठनात्मक जिलों में ये धरने आयोजित किए गए। खास तौर पर कांग्रेस का जोर उन जिलों पर ज्यादा रहा जहां से पायलट व उनके खेमें वाले बागी विधायक आते हैं।
बंसल ने कहा : सरकार गिराने के षड्यंत्र में भाजपा शामिल
प्रदेश सह प्रभारी विवेक बंसल ने कहा कि भाजपा इस पूरे षड्यंत्र को अंजाम दे रही है। एसओजी की टीम जांच के लिए हरियाणा जाती है तो उसे वहां रोका जाता है इससे स्पष्ट है कि भाजपा इसमें शामिल है।
धरने में ये रहे शामिल : सह प्रभारी विवेक बंसल, प्रताप सिंह खाचरियावास, अर्चना शर्मा, बृज किशोर शर्मा, प्रदेश रिसर्च विभाग के प्रभारी सचिव प्रो. वेद प्रकाश शर्मा, सचिव कृष्ण कुमार हरितवाल, चिड़ावा से सुमित्रा सैनी सहित कई पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए।
खाचरियावास बोले: अपनी पीड़ा रखना सरकार का कानूनी अिधकार
परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि पैसे के दम पर सरकार गिराने का षड्यंत्र किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल हमारे राज्य के संवैधानिक प्रमुख हैं और वो हमारे मुखिया हैं। उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री मण्डल को संविधान में प्राप्त अधिकारों के तहत संवैधानिक प्रमुख के समक्ष अपनी पीड़ा रखना राज्य सरकार का कानूनी और नैतिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि राजभवन का घेराव करने की भावना को जिस तरह से लिया गया, वो ठीक नहीं है।
कांग्रेस का प्रदर्शन रहा विफल : बेनीवाल
आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने शनिवार को कांग्रेस द्वारा जिला मुख्यालयों पर किए प्रदर्शन पर कहा कि पहली बार सत्ताधारी दल का प्रदर्शन दिशाहीन नजर आया। कई जगह 50 कार्यकर्ता भी इकट्ठा नही हो पाए जो साबित कर रहा है कि अब कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का सरकार पर ही भरोसा नहीं है। कांग्रेस नेताओं व युवाओं में गहलोत की हठधर्मिता की वजह से हताशा का माहौल है, ऐसे में उनका प्रदर्शन पूर्ण रूप से विफल रहा।
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