राज्य सरकार ने प्रदेश के विभिन्न संरक्षित वन क्षेत्रों में प्रवेश शुल्क पर 10 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि को चालू वित्तीय वर्ष के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध में वन एवं वित्त विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

गहलोत ने कोविड-19 के चलते पर्यटन गतिविधियों पर संभावित प्रभाव को देखते हुए संरक्षित वन क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या घटने की आशंका के चलते यह फैसला लिया है। संरक्षित क्षेत्रों में पर्यटकों के प्रवेश शुल्क में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाती है।

अब संरक्षित वन क्षेत्रों, राष्ट्रीय उद्यानों तथा अभयारण्यों आदि में वर्ष 2020-21 के लिए नियमानुसार वार्षिक वृद्धि नहीं की जाएगी।



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