भादप्रद कृष्ण पक्ष की अष्टमी बुधवार को कृष्ण जन्माष्टमी और और भाद्रपद कृष्ण नवमी गुरुवार को नंदोत्सव मनाया जाएगा। जन्माष्टमी के दिन अष्टमी तिथि उदय कालीन दोपहर तक रहेगी। कृतिका नक्षत्र और वृष राशि में चंद्रमा उच्च का पूरे दिन रहेगा।
ज्योतिषविद् पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि जन्माष्टमी पर वृद्धि योग, सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। भगवान कृष्ण के जन्म के समय सूर्य बुधादित्य योग भी बनेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित पुरुषोत्तम गौड ने बताया कि इस वर्ष रोहिणी नक्षत्र का अभाव रहेगा। ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि इसके बाद 19 अगस्त 2022 में भी जन्मोत्सव के समय रोहिणी का योग नहीं रहेगा। निशीथ काल का समय मध्यरात्रि 12:22 से 01:06 तक रहेगा।

गोविंददेव जी मंदिर में साधारण रूप से मनेगी जन्माष्टमी
कोरोना के कारण देश के हालात को देखते हुए इस बार आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर में साधारण रूप से श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। मंदिर प्रबंधक मानस गोस्वामी ने बताया कि बुधवार को मंगला झांकी के बाद ठाकुर जी का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। नवीन पीत पोशाक धारण कराई जाएगी। विशेष अलंकरण धारण कराएंंगे। ठाकुर जी का विशेष फूलों से शृंगार किया जाएगा। रात 12:00 बजे श्री गोविंद अभिषेक दर्शन खुलेंगे। 31 तोपों की सलामी के साथ श्री कृष्ण जन्म लेंगे। गोविंदाभिषेक किया जाएगा। श्रद्धालु सीधा प्रसारण देख सकेंगे।



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