चांदपोल रोड स्थित व्यास पार्क पुलिया के समीप पानी के निरंतर रिसाव से चट्टानों के टुकड़े एक-एक कर गिरने से लोगों में भय है। यह सिलसिला पिछले 15-20 दिनाें से चल रहा है, लेकिन नगर निगम या जिला प्रशासन पूरी तरह से बेखबर हैै।

हर बार बारिश में चट्टानाें के टुकड़े गिरने से बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। पिछले पखवाड़े भी बारिश की वजह से चट्टानाें के बड़े टुकड़े सड़क पर गिरे थे, लेकिन उस समय वहां से काेई नहीं गुजर रहा था। इसके कारण हादसा टल गया।

शनिवार सुबह हुई बारिश के बाद रविवार दाेपहर एक बजे बाद तेज आवाज के साथ एक-एक कर चट्टान के टुकड़े सड़क पर आकर गिरने लगे। लाॅकडाउन के कारण ट्रैफिक नहीं हाेने से हादसा टल गया। क्षेत्रवासी सुधीर हर्ष ने बताया कि चट्टान के टुकड़े गिरने लगे ताे ऐसे लगा मानाेंं पत्थरों की बारिश हाे रही हैं।

पिछले चार-पांच दिन से बार-बार निगम अफसराें काे इसकी सूचना दी जा रही है, लेकिन काेई इसकी सुध नहीं ले रहा हैं। इधर, दिनेश रागवानी ने बताया कि एक पखवाड़े पहले भी ऐसा हुआ, जब चट्टान के बड़े टुकड़े आकर गिरे, लेकिन हादसा टल गया। विशेषज्ञाें ने बताया कि मानसून में चट्टानें और गीली हाेंगी, ऐसे में पुलिया के रास्ते निकलना जानलेवा साबित हाे सकता है।

3-4 साल पहले चट्‌टान का बड़ा टुकड़ा गिरा था

तीन-चार साल पहले चट्टान का बड़ा हिस्सा भरभरा कर सड़क पर गिरा था। तब एक मकान भी क्षतिग्रस्त हुआ था। कुछ दिनाें तक निगम प्रशासन सक्रिय रहने के बाद फिर से अनदेखी कर दी।

समाधान: हाईवे की तरह चट्‌टानों को जाल से बांध सकते हैं
पहाड़ों के बीच से निकलने वाले हाईवे के दोनों ओर चट्‌टानों को लोहे के जाल से बांधा जाता है। यह जाल काफी हद तक पत्थरों को गिरने से रोक लेता है। इसी प्रकार का जाल निगम इन चट्‌टानों पर भी लगवा सकता है। चट्‌टानों से पूरे साल पानी टपकता है। जाल से बांधकर सुरक्षित बनाया जा सकता है।



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Fragments of rocks falling on the road near Vyas Park culvert, fear in the surrounding
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