राज्य सरकार के नगरीय विकास विभाग ने नगर निकायों के लीज होल्ड प्लॉटों पर लगने वाली लीज राशि में भारी रियायत दी है। आमतौर पर बकाया लीज राशि के ब्याज व पेनल्टी पर छूट होती थी, लेकिन अब मूल लीज राशि पर आप 40 से 60% तक छूट पा सकते हैं। प्रदेश में नगर निगम सहित विभिन्न निकायों में हजारों की संख्या में लीज वाले प्लॉट हैं और आवंटियों पर करोड़ों रुपए लीज मनी के बकाया चल रहे हैं।
हर साल विभाग वित्तीय वर्ष के आसपास बकाया लीज मनी जमा करवाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ब्याज में रियायत देता रहा है। यह पहला मौका है मूल लीज राशि पर छूट प्रदान की गई है। विभाग ने 10 अगस्त को जारी आदेश में लीज मुक्ति के लिए नए फार्मूले से बकाया राशि जमा कराने के अलावा फ्री होल्ड किए जाने संबंधी प्रावधान भी किए हैं। इसके तहत एकमुश्त आठ साल की लीज राशि जमा कराने पर लीज मुक्ति वहीं दस वर्ष की लीज राशि जमा कराने पर फ्री होल्ड किए जाने का प्रावधान है।
अब मूल लीज राशि में रियायत की बात करें तो इसके लिए यह फार्मूला तय किया गया है कि अग्रिम 8 साल की लीज राशि का 5% निकाल बकाया लीज वर्षों से गुणा किया जाएगा, यह पूरी राशि जोड़ने पर भूखंड लीज मुक्त हो जाएगा वहीं दो साल की लीज राशि और देने पर फ्री होल्ड कर दिया जाएगा।
ऐसे समझे इस तरह मिलेगी छूट
किशोर ने एडीए से एक प्लाट लिया है जिसकी लीज राशि 10 हजार सालाना है। उसे अगले आठ साल यानी 2028 तक 8 साल की लीज राशि के लिए 80 हजार देने होंगे। 80 हजार का 5% 4 हजार रुपए होता है। अब किशोर की जितने साल की लीज राशि बकाया है उसे चार हजार से गुणा करना है। किशोर ने 2008 में प्लाट लिया था और 2010 से लीज राशि बकाया है तो उस पर 10 साल की लीज राशि बकाया है। 10 साल को लीज मनी के 5% यानी 4 हजार से गुणा करना है।
इस तरह यह राशि 40 हजार होती है। इस तरह 8 साल की लीज राशि 80 हजार और बकाया दस साल की लीज राशि 40 हजार यानी कुल 1.20 लाख जमा कराने पर किशाेर का प्लाट लीज मुक्त हो जाएगा। मूल लीज राशि की गणना करें तो पाएंगे कि दस साल की बकाया लीज राशि दस हजार रुपए सालाना के हिसाब से 1 लाख रुपए होती है जबकि नए फार्मूले से बकाया राशि 40 हजार ही होती है।
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