स्तनपान को प्रोत्साहन देने के लिए जिले में विश्व स्तनपान सप्ताह शुरू हुआ। सीएमएचओ डॉ. पी.एम. वर्मा ने बताया कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य के लिए स्तन पान जच्चा व बच्चा के आजीवन स्वास्थ्य की मजबूत नींव मानी जाती है। उन्होंने बताया कि इस पूरे सप्ताह गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशु की माताओं को ब्रेस्टफीडिंग और उसके फायदों की जानकारी दी जाती है। उन्होंने बताया कि स्तन पान से जुड़ें मिथकों को दूर करना भी इस दौरान अहम होता है।
इसके लिए पोस्टर, बेनर, वीडियो व ऑडियो के माध्यम से लोगों में जागरूकता का संदेश देने का कार्य किया जाएगा। नवजात शिशु को जन्म के तुरंत बाद स्तन पान कराया जाए, तो शिशु में बीमारियां होने की संभावनाएं कम रहती हैं। जन्म से 6 माह तक केवल मां का स्तन पान ही कराना चाहिए। वहीं मां का दूध सभी पोषक तत्वों से भरपूर होता है। शुरुआती दूध को कॉलस्ट्रम कहते हैं क्योंकि ये गाढ़ा, पीला और एंटीबॉडी से युक्त होता है। स्तनपान सप्ताह की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए आशा, एएनएम, यशोदा द्वारा अपने संबंधित क्षेत्र मे सर्वे के दौरान लोगों को स्तन पान के बारे के जागरूकता का संदेश दिया जाएगा।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Via Dainik Bhaskar https://ift.tt/1PKwoAf
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें