उपखंड के सन्वासा ग्राम स्थित अंजनी गौशाला में गो सेवक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता एडवोकेट सुरेश चंद्र शर्मा की अगुवाई में पर्यावरण को बचाने के लिए अनूठी पहल की गई। क्षेत्र में पहली बार पहले से ही खेतों में बरसो से खड़े 15 फीट ऊंचे दरख़्त पेड़ों को जेसीबी से उखाड़ कर पुनः अंजलि गौशाला के प्रांगण में शिफ्ट करने की कार्यवाही की गई तथा लोगों को पेड़ों को नहीं काटने का संदेश दिया गया।

रविवार को पर्यावरण बचाओ अभियान के तहत अंजलि गौशाला प्रांगण में शहतूत के 15 फीट ऊंचे सवा दर्जन पेड़ों को पुन स्थापित करने का काम किया गया। एडवोकेट सुरेश शर्मा ने बताया कि भवन निर्माण सड़क निर्माण व अन्य परियोजनाओं के तहत निर्माण कार्य के बीच आने वाले पेड़ों को काट दिया जाता है जो सैकड़ों वर्षों से आने जाने वाले राहगीरों को छाया देने का काम करते रहे हैं। उनके कट जाने से न केवल पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है अपितु आम सामान्य को भी परेशानी से रूबरू होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि 40 बीघा के क्षेत्रफल में फैली गौशाला की जमीन पर पर्यावरण सुरक्षा को लेकर पौधरोपण अभियान चलाया हुआ है।

इस अभियान के तहत शनिवार को 15 पेड़ जो 10 साल से भी अधिक पुराने हैं जिनकी जमीन में गहरी जड़े हैं उन पेड़ों को जेसीबी मशीन के माध्यम से उखाड़ कर अंजनी गौशाला के प्रांगण में पुनः शिफ्ट करने की कार्यवाही की गई है। 6 फीट गहरे गड्ढे जेसीबी से खाद कर 15 फीट ऊंचे शहतूत के पेड़ों को जमीन में वापस प्रत्यारोपित किया गया है।

इसी से आने वाले समय में गायों को छायादार वृक्ष की सुविधा का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस हाईवे सड़क निर्माण के बीच में आने वाले नीम पीपल सहित अन्य पेड़ों को काटने से रोका जाएगा तथा उन्हें मशीनों से उखाड़ कर वापस गौशाला के प्रांगण में प्रत्यारोपित करवाए जाने की कार्यवाही की जाएगी। ताकि गोवंश को छाया का लाभ मिले वहीं पर्यावरण सुरक्षा को भी बढ़ावा मिल सकेगा। एक जगह से उखाड़कर दूसरी जगह पेड़ को लगाने की यह प्रक्रिया पहली बार अपनाई गई जिसको लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा गया।



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लालसोट| सन्वासा अन्जानी गोशाला में 15 फुट ऊंचे पेड़ों को प्रत्यारोपित करते हुए लोग।
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