कोरोना और हेपेटाइटिस बी एवं सी के गंभीर रोगियों को डायलिसिस के लिए अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। संभवतः बुधवार से उन्हें भरतपुर में ही यह सुविधा मिलने लगेगी। क्योंकि चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ़. सुभाष गर्ग द्वारा अपने विधायक कोष से उपलब्ध कराई गईं 3 नई मशीनें आरबीएम अस्पताल में पहुंच चुकी हैं। इन्हें मिलाकर अस्पताल में अब 9 डायलिसिस मशीनें हो जाएंगी।
नई मशीनों को अगले 2-3 दिन में ही इंस्टॉल करके शुरू कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि कोरोना पॉजिटिव और हेपेटाइटिस बी एवं सी के गंभीर रोगियों के लिए शहर में यह सुविधा पहली बार शुरू हो रही है। वार्ड इंचार्ज सीनियर टेक्नीशयन नितिन शर्मा ने बताया कि अस्पताल में रोजाना औसतन 10 से 12 और महीने में 300 रोगियों की डायलिसिस होती है।
इससे रोगियों को काफी सुविधा मिलेगी। हालांकि आरबीएम अस्पताल में 20 नवंबर, 2017 को दो मशीनों से डायलिसिस खोली जा चुकी थी। लेकिन, रोगियों की संख्या के आगे ये मशीनें कम पडऩे लगीं। फिर फरवरी, 2018 में एक और डायलिसिस मशीन मंगवाई गई। इन तीन मशीनों से भी पार नहीं पड़ी।
पीएमओ डॉ. नवदीप सिंह सैनी बताते हैं कि चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग को समस्या बताते हुए नई मशीनें मंगवाए जाने की मांग रखी थी। इस पर उन्होंने अपने विधायक कोष से इसके लिए 26 लाख रुपए मंजूर किए। इस राशि से 3 डायलिसिस मशीनें अप्रैल, 2020 में ही आ गईं थी। इनसे रोगियों को डायलिसिस के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। अब 3 और मशीनें आने से रोगियों को काफी सुविधा हो जाएगी।
आरबीएम में पुरानी जगह पर ही होगी डायलिसिस
कोरोना रोगियों के लिए डायलिसिस की सुविधा पुरानी जगह पर ही कोविड जोन में शुरू की जाएगी। इसके लिए आरओ प्लांट के पास नई मशीन को इंस्टॉल कराया जा रहा है। ताकि रोगियों को असुविधा का सामना न करना पड़े। इससे पहले अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा पुरानी बिल्डिंग में बर्न वार्ड के बगल में थी। लेकिन, कोरोना महामारी फैलने के बाद डायलिसिस यूनिट को नई बिल्डिंग में दूसरे फ्लोर पर शिफ्ट कर दिया गया था।
बुधवार से शुरू करेंगे डायलिसिस की सुविधाः पीएमओ
अस्पताल में अभी तक कोरोना संक्रमित और हेपेटाइटिस बी एवं सी के गंभीर रोगियों के लिए अलग से डायलिसिस की सुविधा नहीं थी। लेकिन, अब 3 नई मशीन और ऑटोमेटिक बैड आ चुके हैं। बुधवार से अब इन रोगियों के लिए भी यह सुविधा शुरू हो जाएगी। - डॉ. नवदीप सैनी, पीएमओ
भरतपुर के रोगियों को मिलेगी राहत : डॉ गर्ग
अभी तक हेपेटाइटिस बी एवं सी के रोगियों को डायलिसिस के लिए बाहर जाना पड़ता था। कोरोना पॉजिटिव रोगियों के लिए भी डायलिसिस सुविधा की बहुत जरूरत थी। अस्पताल प्रशासन की ओर से जब मुझे समस्या से अवगत कराया गया तो मैंने विधायक कोष से 26 लाख मंजूर किए।
- डॉ. सुभाष गर्ग, चिकित्सा राज्यमंत्री
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