प्रदेश में चल रहे सियासी संकट के बीच शुरू हाेने वाले विधानसभा सत्र में बीजेपी फ्लाेर टेस्ट की मांग नहीं करेगी। पार्टी पहले पायलट गुट के विधायकाें की सदस्यता बचाने की दिशा में प्राथमिकता के आधार पर काम करेगी। हालांकि इसके लिए बीएफसी काे लेकर बैठक करेगी और सदन में आने वाले बिलाें काे लेकर अध्ययन करके अपनी रणनीति तय करेगी। सदन शुरु हाेने पर बीजेपी सदन में गहलाेत सरकार के समर्थन में खड़े विधायकाें की संख्या देखेगी, इसके बाद ही फ्लाेर टेस्ट काे लेकर स्पीकर से मांग करेगी।
ऐसा क्याें : बीजेपी गहलाेत सरकार के खिलाफ उठे सियासी संकट काे बरकरार रखने के लिए और सरकार गिराने के लिए इस दिशा में अपनी रणनीति पर काम कर सकती है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता व सदन के नेता गुलाबचंद कटारिया व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां कह चुके है कि हमने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन की मांग कभी नहीं की ।
कांग्रेस ताे फ्लाेर टेस्ट के लिए खुद ही आमादा
सदन की कार्यवाही शुरु हाेने में अभी समय है। ऐसे में हमने सदन में फ्लाेर टेस्ट की मांग नहीं रखी। ऐसा इसलिए क्याेंकि कांग्रेसी खुद ही फ्लाेर टेस्ट के लिए आमादा दिख रही थी। राजभवन घेरने की ये भी एक वजहाें में से एक रही है। बीजेपी काे जब लगेगा तब ये काम कर लेगी।
कुर्सी जाने की हताशा गहलाेत के चेहरे और वाणी में : पूनियां
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा कि सीएम अशाेक गहलाेत की कुर्सी जाने की हताशा उनके चेहरे और वाणी से स्पष्ट दिख रही है। उन्हाेंने कहा कि गहलाेत सरकार ने केंद्र पर सीबीआई और ईडी के के दुरूपयाेग के निराधार आराेप ताे लगा दिए लेकिन प्रदेश में अब एसओजी और एसीबी सत्संग कर रही हैं क्या? सीएम द्वारा पीएम काे लिखे गए पत्र के मामले में उन्हाेंने कहा कि सीएम अशाेक गहलाेत काेराेना की राेकथाम के प्रबंधन में पूर्णतया विफल हैं, आंकड़े छुपाने के लिए टेस्टिंग कम हो रही है।
गहलाेत राजनीतिक संक्रमण का शिकार होकर कोरोना के संक्रमण के प्रति लापरवाह हो रहे हैं। उन्हाेंने ट्वीट करके कहा कि आप रिसोर्ट में आनंद लीजिए।
सतीश पूनियां ने विधायक पत्नियाें की पीड़ा पर सीएम काे टैग करते हुए ये ट्विट किया :
एक विधायक की पत्नी की पीडा़
बाड़े बन्दी बालमा,पहरो आठों फैर।
नणद आई आंगणे ,बीरो जैसलमेर।
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