कोरोना महामारी के कारण इस बार रक्षाबंधन पर ज्यादातर बहिन अपने भाइयों के पास नही जा पा रही है। भाई बहन के प्यार से भरा रक्षाबंधन का त्यौहार हर वर्ष बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता था व बाजारों में कई दिनों पहले से इसकी रौनक देखने को मिलती थी लेकिन इस बार चारो तरफ का नजारा फीका सा नजर आ रहा है।

पीहर जाने के लिए महिलाएं कई दिनों से तैयारी करना शुरू कर देती थी। लेकिन अबकी बार कोरोना वायरस के कारण महिलाएं अपने पीहर जाने से कतरा रही हैं कहीं घर से बाहर भीड़भाड़ से होकर जाएं तो कोरोना महामारी की चपेट में नहीं आ जाए। लेकिन महिलाओं ने पीहर न जाने के गम को भुलाकर इस महामारी के समय सभी से भीड़भाड़ में नही जाने व बसों में सफर नही करने तथा अपने घरों में रहने की अपील की। बाजार से राखी खरीदने की बजाय घर मे रखा मोली का धागा बांधना ज्यादा सुरक्षित बताया।
पीहर जाने से ज्यादा परिवार की देखभाल जरूरी
आशा सहयोगिनी अनिता शर्मा ने बताया कि राखी भाई बहन का प्यार भरा त्योहार है। रक्षाबंधन पर पीहर जाकर भाईयो की कलाई पर राखी बांधकर जो प्यार प्रेम मिलता है उससे मन खुश व रिश्तों में मजबूती आती है। इस बार महामारी के कारण घर से बाहर जाने से महत्वपूर्ण इस बीमारी से घर में रहकर परिवार की देखभाल करके रक्षा करना ज्यादा जरूरी है।
घर में रहना ज्यादा जरूरी, इसी में सबकी भलाई
ग्रहणी चंदा देवी ने कहा कि इस बार पीहर नही जाने का दुख जरूर है लेकिन क्या करे ऐसी महामारी का सामना करने के लिए घर मे रहना ही सबसे सुरक्षित ओर बेहतर है इसी में हम सब की भलाई है। पीहर तो कुछ समय बाद भी जाया जा सकता है इसलिए घर मे रहकर सबकी देखभाल करने पर ही कोरोना से जंग जीती जा सकती है।
पहले राष्ट्रहित फिर सब कुछ
अध्यापिका मंजू शर्मा ने बताया कि राखी पर्व पर हर महिला को पीहर जाना जरूरी होता है क्योंकि भाई बहन के रिश्ते को यह त्यौहार मजबूत ओर प्यार प्रेम से भर देता है। लेकिन इस संकट की घड़ी में राष्ट्रहित पहले है उसके बाद सब कुछ है। कोरोना पर विजय पाने के लिए घर से बाहर नही निकलना है सबके लिए सही और सुरक्षित है।
पीहर जाने के लिए राखी का करते हैं इंतजार
ग्रहणी महिला गोरंती मीना ने कहा कि राखी के पर्व पर घर जाने का बेसब्री से इंतजार रहता है लेकिन इस बार नही तो गर्मियों की छुट्टियों में पीहर जा सके व राखी पर भी कोरोना का बढ़ता ग्राफ के कारण पीहर जाने से रह गए है। लेकिन इस महामारी से जंग जीतने के लिए घर मे रहना ही जरूरी है। पीहर वालो की याद आती है तो वीडियो कॉल पर बात करके हाल चाल पूछकर मन को खुश कर लेते है।



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