लॉकडाउन के बीच शनिवार को कई शिक्षक ड्यूटी देने स्कूल चले गए, लेकिन वहां पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग ने उन्हें वर्क फ्रॉम होम के आदेश देते हुए घर से ही स्कूल संबंधित कार्य संपादित करने के निर्देश जारी किए। ऐसे में शिक्षक नाहक परेशान हुए। शिक्षक संगठनों ने कहा कि विभाग को यही आदेश करना था तो एक दिन पहले करना चाहिए था।
दरअसल, जिला प्रशासन ने शनिवार और रविवार को दो दिवसीय कर्फ्यू घोषित कर रखा है। ऐसे में शनिवार को स्कूलें खुली रखने का निर्णय हुआ था, लेकिन शनिवार सुबह करीब 7:45 बजे संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा प्रेमचंद सांखला ने सोशल मीडिया से एक निर्देश जारी किया कि सभी संबंधित शिक्षक वर्क फ्रॉम होम के तहत स्कूल संबंधित कार्य घरों से संपादित करेंगे, लेकिन यह संदेश पहुंचने से पहले ही सभी शिक्षक अपनी स्कूलों में पहुंच चुके थे।
इसके बाद कोई भी शिक्षक वर्क फ्रॉम होम के लिए स्कूल से रवाना नहीं हुआ और स्कूल में रहकर ही दोपहर एक बजे तक अपने कार्य को पूरा किया। इस बारे में राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के संभाग संयोजक भंवरलाल काला ने कहा कि शिक्षा विभाग को वर्क फ्रॉम होम के आदेश करने थे तो शुक्रवार को कर देते, इससे सहूलियत होती।
राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश उपाध्यक्ष रूपाराम रलिया का कहना है कि बारिश में भीगते हुए शिक्षक जैसे-तैसे निजी और किराए के वाहनों से स्कूल पहुंचे और उसके बाद यह निर्देश जारी करना अनुचित था। वहीं राजस्थान शिक्षक एवं पंचायतीराज कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष संतोषसिंह सिणली ने कहा कि प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार सरकारी शिक्षकों को ड्यूटी करनी थी तो बाद में यह संदेश भेजना उचित नहीं था।
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