दिगम्बर जैन समाज के दस दिवसीय पर्यूषण पर्व के तहत गुरुवार को जिनालयों में समाजजनों ने अभिषेक, शांतिधारा व नियमित पूजन किया। कोरोना के कारण इस बार अधिकतर श्रद्धालु घरों में ही पर्व के तहत पूजा अर्चना कररहे हैं। कस्बे के बड़े दिगम्बर जैन मंदिर व बजरिया स्थित नसियाजी मंदिर में चंद श्रद्धालु ही भगवान जिनेन्द्र की नियमित पूजा अर्चना विधि विधान के साथ कर रहे हैं।
पर्वाधिराज पर्यूषण को दसलक्षण धर्म के नाम से भी जाना जाता है
नसियाजी मंदिर मेें केसरिया वस्त्र धारण कर नियमित पूजा कर रहे जैन समाज के पदाधिकारी कमल जैन व प्रमोद जैन ने बताया कि पर्यूषण पर्व के दसलक्षण धर्म के माध्यम से व्यक्ति मन, वचन, कर्म और शरीर से शुद्धता को प्राप्त करता है। यह संयम और सदगति प्राप्त करने का उत्तम साधन हैं।
इससे व्यक्ति क्षमाशील, सहनशील, नम्र व्यवहार, सत्य व हितकारी बोलना, मलिन वृत्तियों को दूर करना, निर्लोभी व त्याग की भावना वाला बनता है। इसलिए दस दिवसीय पर्यूषण पर्व के तहत जिनालयों में लगातार का धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
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