राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कांकर दोपा में शुक्रवार को प्रिंसीपल देवेन्द्र यादव और एक वरिष्ठ लिपिक के बीच विवाद हो गया। नौबत मारपीट तक आ गई तो महिला स्टाफ ने लिपिक को बचाया। स्टाफ ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने उन्हें भी अपशब्द और भद्दी गालियां निकाली। ग्रामीणों के स्कूल में जमा होने पर प्रिंसिपल मौके से भाग गया। सीबीईओ ने घटना की जांच करने 3 सदस्यीय जांच दल भेजा। वह इंतजार कर लौट आया लेकिन आरोपी प्रिंसिपल नहीं पहुंचे।

जिसने प्रिंसिपल को दोषी माना। मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। स्कूल के यूडीसी रतनेश यादव ने बताया कि वह अपना कार्य निपटा रहा था। इसी दौरान प्रिंसीपल देवेन्द्र यादव ने उसे आदेश पंजिका पर हस्ताक्षर करने को कहा। उसने डाक बनाने के बाद हस्ताक्षर कर देने की बात कही। काम निपटा कर वह प्रिंसीपल के पास गया तो उसने गाली-गलौच शुरू कर दी। इस पर दोनों में कहासुनी हो गई। प्रिंसिपल ने लिपिक को पीटने के लिए अलमारी के पीछे रखी लकड़ी निकाल ली। मौके पर मौजूद स्टाफ नरेन्द्र यादव, महेन्द्र सिंह, दीपक और महिला स्टाफ बीच में आने से वह रुक गया, लेकिन गाली-गलौच बंद नहीं की। इतनी देर में गांव से लोग भी स्कूल पहुंचने लगे तो प्रिंसिपल देवेंद्र यादव मौके से भाग गया। मामले की सूचना ग्रामीणों ने सीबीईओ को दी।

सीबीईओ शशी कपूर ने बताया कि एसीबीईओ श्याम सुंदर यादव तथा सुबेह सिंह एवं महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम राजकीय स्कूल प्रिंसीपल महिपाल यादव की कमेटी बनाकर जांच के लिए भेजा। जांच दल को प्रिंसीपल नहीं मिला, लेकिन स्टाफ के बयान लेकर आए है। मौका रिपोर्ट बनाकर प्रशासनिक अधिकारियों एवं विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। वहीं प्रिंसीपल की कार्यशैली से नाराज ग्रामीणों ने विरोध जताया और तबादला करने की मांग की गई। ग्रामीणों ने कहा कि प्रिंसिपल के खिलाफ शनिवार सुबह धरना देंगे। प्रिंसीपल की कार्यशैली ठीक नहीं होने से स्कूल बदनाम हो रहा है। मामले में भास्कर ने प्रिंसिपल से संपर्क करना चाहा, लेकिन उनका नंबर बंद आता रहा।


प्रिंसीपल देवेन्द्र यादव के खिलाफ कई जांचे लंबित : स्कूल के स्टाफ मीता बाई यादव, अनुराधा यादव, निशा, सुनीता, आशा यादव, निर्मला यादव, अमनदीप ने बताया कि प्रिंसिपल यादव के दुर्व्यवहार से पूरा स्टाफ परेशान है। अपशब्द बोलते हैं और भेदभाव करते हैं। सबसे ज्यादा महिला स्टाफ को परेशान करता है। जिसकी शिकायत शिक्षा विभाग के अधिकािरयों को कई बार की जा चुकी है। सीबीईओ कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी से अभद्रता करने पर माफीनामा किया हुआ है। स्कूल स्टाफ ने बताया कि शुक्रवार को प्रिंसीपल देवेन्द्र यादव ने आदेश पंजिका में वरिष्ठ सहायक रतनेश को सभी प्रभारों की कैशबुक जांच व अपडेट करने के आदेश दिए। रतनेश ने कहा कि कैशबुक प्रभारी मुझे बनया हुआ है, लेकिन कैशबुक आपने रखी हुई है। ऐसे में किस तरह से अपडेट किया जा सकता है। इस पर विवाद हुआ। फिर स्टाफ को आदेश दिया कि वे रतनेश एवं कनिष्ठ सहायक दीपक से मिले तो हस्ताक्षरशुदा प्रार्थना देकर प्रिंसीपल को काम बताना हाेगा। इसे लेकर स्टाफ में आक्रोश व्याप्त हो गया। तानाशाही के खिलाफ स्टाफ कार्य बहिष्कार करेगा।


राउमावि कांकरदोपा में विवाद की सूचना पर एसीबीईओ प्रथम, द्वितीय व महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल के प्रिंसीपल को जांच करने भेजा। प्रिंसीपल देवेन्द्र यादव उन्हें नहीं मिले। यूडीसी ने लिखित में अभद्रता करने की शिकायत दी है। देवेन्द्र यादव के खिलाफ पहले भी विभिन्न शिकायतें आ चुकी हैं। इस मामले में प्रिंसीपल को दोषी पाया गया है। जिसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी है।
-शशि कपूर, सीबीईओ बहरोड़



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