कोरोना वायरस ने शहर में युवाओं को सबसे ज्यादा संक्रमित किया है। जिले में अब तक पॉजिटिव आए 7098 केस में से 45% 18 से 35 आयु वर्ग के हैं। अब इसके साथ ही आगे बढ़ना है। इसी मूल मंत्र को लेकर शहर के कुछ प्रोफेशनल, बिजनेसमैन और प्रोफेशनल स्टडी में जुटे यूथ ने तय किया है कि कोरोना के कारण रुकना नहीं है। दौड़ना है... जिंदगी को आगे बढ़ाना है। यह तभी होगा जब यूथ खुद को फिट रखेगा।
शहर में कोरोना काल में ही शुरू की गई इस पहल का आगाज किया सीए धीरज धांडवानी ने। वह सीए बनने के बाद तीन साल तक मुम्बई में जॉब करते रहे। कोरोना आया तो अपने घर जोधपुर लौट आए। मुम्बई में रनिंग का कल्चर और क्रेज देखकर आए थे, तो यहां अपने 12 साथियों के साथ इसे आगे बढ़ाया। जुलाई में ही पहला सेशन किया। जोधपुर रनर ग्रुप बनाकर यूथ को दौड़ने के लिए मोटिवेट किया।
सोशल मीडिया पर शहर के प्रोफेशनल, बिजनेसमैन और प्रोफेशनल स्टडी से जुड़े यूथ इनके साथ होने लगे। अब ये हर बुधवार व शनिवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में अलसुबह चार से सात किलोमीटर का टारगेट तय कर दौड़ते हैं। धीरज की मानें तो कोरोना के कारण कब तक बैठे रहेंगे। आगे तो बढ़ना ही होगा। यूथ दौड़ेगा तो शहर भी दौड़ने लगेगा। काम-धंधे सब दौड़ने लगेंगे तो जिंदगी भी दौड़ पड़ेगी।
डढवानी बताते हैं कि ग्रुप में करीब 250 लाेग जुड़ चुके हैं और अभी 18 से 35 आयु वर्ग के 50 लोग दौड़ने आ रहे हैं। पहले रनिंग एरिया की लोकेशन तय की जाती है। उसका ट्रायल होता है। सेशन के दौरान वार्मअप, रनिंग और फिर एक्सरसाइज होती है। रनिंग के दौरान मदद के लिए दो साइकिलिस्ट साथ रहते हैं।
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