जिले के बावड़ी तहसील क्षेत्र के एक युवक ने अपनी पत्नी के अपहरण का आरोप लगाते हुए पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई। पुलिस द्वारा उसकी पत्नी को नहीं ढूंढ़ने पर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर हाईकोर्ट से गुहार लगाई। युवक के पांच साल की बच्ची भी है।
पत्नी ने अपने बयान में कहा कि उसका कोई अपहरण नहीं किया गया और न ही कोई जोर-जबरदस्ती की गई। वह अपनी मर्जी से युवक के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही है। इसके बाद जस्टिस संदीप मेहता व कुमारी प्रभा शर्मा की खंडपीठ ने सभी पक्ष देखते हुए इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर याचिका को खारिज कर दिया और याचिकाकर्ता युवक को सिविल या फैमिली कानून के तहत यथोचित कोर्ट जाने की छूट दी।
बारा खुर्द निवासी युवक द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में बताया गया कि उसकी शादी एक युवती से हुई और उससे एक पांच साल की बच्ची भी है। गत 17 जून को उसने खेड़ापा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई कि उसकी पत्नी का चार व्यक्ति अपहरण कर ले गए और वह अवैध रूप से बंधक होगी।
उधर, एएजी फर्जंद अली ने कोर्ट से कहा कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी और युवती को खोज लिया। सीआरपीसी की धारा 161 के तहत उसके बयान लिए गए। बयान में युवती ने स्पष्ट कहा कि किसी के द्वारा उसका अपहरण नहीं किया गया है। उसने कहा कि वह अजय के साथ लिव इन रिलेशनशिप में है और अपनी मर्जी से उसके साथ रह रही है। इस पर पुलिस ने मामले में एफआर लगा दी। युवक नवलगढ़ तहसील के एक गांव का है।
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