300 साल पहले सुघड़ हाथों ने चूना-सुरखी से पत्थर-पट्टियों का जो बेजोड़ संगम शहर के बरामदों के रूप में खड़ा किया, उस पर हमारे लालच और आधुनिक सुविधाओं ने ग्रहण लगा दिया। हेरिटेज को उसकी खोई आभा उसी रूप में लौटाने के बजाय पिछले दिनों मनमर्जी से ढकने के लिए सीमेंट का कुत्सित लेप और चढ़ाया जा रहा था।

ऐतिहासिक शहर में स्मार्ट सिटी के अफसर-इंजीनियर कालिख पोतते, इससे पहले दबे दबे सवाल सरकार और संबंधित प्रशासन तक पहुंचे। हेरिटेज एक्सपर्ट की पारखी नजर और वर्ल्ड हेरिटेज के दर्जे को बचाने वाली टीम ने इन कामकाज को देखकर आपत्तियां लगाईं। सामने आया कि कुछ जगह जल्दबाजी में चूने पर सीमेंट की परत चढ़ा भी दी गई, वहीं रही सही सूरत बिगाड़ने के लिए प्लास्टिक आदि के पाइप फिर से लगाए जा रहे हैं।

आखिरकार दुरुस्त किया गया कि अब सभी बरामदों को उनके मूल स्वरूप के अनुसार चुने-सुरखी के प्राचीन पैटर्न पर ही ठीक किया जाएगा। यह काम कोई 12 करोड़ से ज्यादा के हैं। हालांकि कामकाज आगे बढ़ पाते, उससे पहले ही बरसात में पहले से दरक रही छतों और चूने के काम को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। जिसके पीछे दोष संबंधित फर्म और अनट्रेंड इंजीनियरिंग का है। विवाद बरकरार हैं।

बरामदों के मौजूदा हालात और जिम्मेदार कारण?

बरामदे दरक रहे हैं। छतें टपक रही है। पटि्टयां गिरने को है। क्योंकि इन पर मनमर्जी के हथोड़े चलाकर एसी-कूलर-डक्टिंग डाल दी गई। यह व्यापारियों की जरूरत थी, लेकिन जिनको सार संभाल कर रास्ता सुझाना था, वह अफसर इंजीनियर आंख मूंदे बैठे रहे।

पिछले दिनों हुई मीटिंग में एक्सपर्ट अफसरों की राय

  • बगैर किसी वाद विवाद के बरामदों में हेरिटेज को ध्यान में रख चूने से ही काम कराए जाएंगे।
  • स्टेकहोल्डर के विश्वास के लिए एक विशेषज्ञ नियुक्ति होगा, ताकि कामकाज की गुणवत्ता और प्रगति पर मॉनिटरिंग हो सके।
  • प्लास्टिक पाइप के बजाए सीआई पाइप लगाए जाएंगे। इन्हें भी पेंटिंग आदि के जरिए ढकने या एकरूपता दी जाएगी।

और जब रेस्टोरेशन शुरू हुआ तो स्टेकहोल्डर्स ने खड़े किए ये सवाल

1. चूने से जो काम कराए जा रहे हैं, वह ठीक नहीं है। यह काम सीमेंट से कराए जाएं तो ज्यादा टिकाऊ और समय पर होंगे।

2. कामकाज के दौरान ठेकेदार की ओर से ले जाने वाली सामग्री गुणवत्ता पूर्वक नहीं है।

3. काम के दौरान छतों पर लगे बिजली के उपकरण एसी-डक्टिंग आदि को नुकसान हो रहा है।

4. कामकाज के दौरान व्यापारियों की दुकानों को नुकसान हो रहा है।

लापरवाही और भविष्य के कामकाज पर बोले इंजीनियर

  • सीमेंट से बरामदे का थोड़ा काम किया था कि हेरिटेज एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिश पर कैंसिल कर दिया। बरसात में चूने के काम में दिक्कत आती है। - राकेश मुद्गल एसई, स्मार्ट सिटी
  • कामकाज से जुड़ी कुछ अन्य उलझन और जो परेशानी आ रही है‌। स्टेकहोल्डर्स के अपने तर्क हैं। इन सभी पर अगले सप्ताह मीटिंग है। - नरेंद्र गुप्ता एक्सईएन, स्मार्ट सिटी

अब तक हुई चूक पर सख्ती भी
एसी आदि उपकरण छत तोड़कर लगाए गए हैं, जिससे पट्टियों को भी नुकसान और बरामदे से पानी लीक हो रहा है। ऐसे में सभी संबंधित को नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी।

हेरिटेज एक्सपर्ट बोले: चूने के जो काम 300 साल से खड़े हैं, उनको उसी रूप में कराया जाए तो इतने ही साल और खड़े रहेंगे
सीमेंट आदि के काम को लेकर हमने अपनी राय रखी है, जिस पर स्मार्ट सिटी के अधिकारी सहमत हैं। दरअसल पहले काम कराने वाले एक्सपर्ट, इंजीनियर की कमी महसूस हो रही थी। अब इस दिशा में टीम तैयार हो रही है। हेरिटेज वैल्यू के अनुसार ही काम आगे बढ़ाने की सिफारिश की है। हमारी पूरी कोशिश रहेगी हेरीटेज को किसी प्रकार का नुकसान न हो। - शिखा जैन, हेरिटेज एक्सपर्ट

चूने के जो काम 300 साल से खड़े हैं, वह आगे भी खड़े रहेंगे। बशर्ते, समय के साथ आई खामियों को पूरी विशेषज्ञता के साथ निपटाया जाए। अभी तक जो काम किए, उनमें काफी चूक है, जो इस हेरिटेज शहर और वर्ल्ड हेरिटेज के दर्जे के खिलाफ हैं।



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300 साल पहले सुघड़ हाथों ने चूना-सुरखी से पत्थर-पट्टियों का जो बेजोड़ संगम शहर के बरामदों के रूप में खड़ा किया, उस पर हमारे लालच और आधुनिक सुविधाओं ने ग्रहण लगा दिया
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