शहर के पशुपालक देवनारायण योजना में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अभी तक 800 फॉर्म बिके हैं जिसमें से केवल 200 ही जमा हुए है, जबकि सर्वे में 900 पशुपालक चिन्हित हुए थे। इस स्थिति को देखते हुए यूआईटी ने योजना में आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़कर 9 अक्टूबर तक कर दी है।
पशुपालकाें के पुनर्वास के लिए यूआईटी ने देवनारायण नगर एकीकृत आवासीय याेजना लांच की है। यहां मकान और पशुओं के लिए बाड़े दिए जाएंगे। जिससे शहर की सड़काें से पशुओं की समस्या दूर हाे जाए। यूआईटी ने चेतावनी भी दी है कि याेजना विकसित हाेने के बाद शहर से पशुपालकाें काे हटा दिया जाएगा। यदि काेई आवेदन नहीं करता है ताे ये उसकी जिम्मेदारी हाेगी।यूआईटी सचिव राजेश जाेशी के अनुसार पशुपालकाें काे वहां पर सभी सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही उनके व्यवसाय से संबंधित व्यापारियाें काे भी याेजना में जगह दी जा रही है।
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