सुबह के करीब 8 बजे अस्पताल की दूसरी मंजिल पर था। आग लगी ताे भाग कर तीसरी मंजिल पहुंचा। वहां दो दिन से भर्ती नानी सास मनाेरमा देवी काे संभाला और नीचे लेकर आए। इसके बाद फिर ऊपर गया और अन्य मरीजाें काे कंधाें पर लेकर नीचे लााए। लिफ्ट एक ही थी ताे समय लग रहा था।

कई मरीजाें काे व्हील चेयर से नीचे लेकर आए। नर्सिंग स्टाफ, परिजनों और गार्ड ने खूब सहयाेग किया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई और मदद की। अचानक धुंआ दिखाई दिया। पहले ताे विशेष ध्यान नहीं दिया, लेकिन धुंआ अधिक हुआ ताे मामले का पता चला। वार्ड के पास के कमरे में ही आग लगी थी। भीड़ एकत्र हाे गई। अंकल

गाेपाल सिंह का दाे दिन पहले एक्सीडेंट हुआ ताे यहां पर भर्ती करवाया था। मैं अंकल के पास पहुंचा औ र उनकाे नीचे लेकर आए। वहां पर आग लगने से लाेगाें की भीड़ एकत्रित हाे गई। अंकल काे नीचे लाने के बाद फिर से ऊपर गया अाैर मरीजाें काे निकलवाने में मदद की। कुछ ही देर के बाद पुलिस माैके पर पहुंच गई और मरीजाें काे बाहर निकालने के बाद हम सब काे भी वहां से निकाल दिया।

हॉस्पिटल की बिल्डिंग सुरक्षित, इनटायर फायर टीम भी तुरंत पहुंची

इनटायर फायर टीम भी तुरंत माैके पर पहुंची तथा आग काबू के उपकरण चालू करवाए। नगर परिषद व कंचन ग्रुप की फायर ब्रिगेड को बुलाया। फायर सिस्टम नहीं चलने के बारे में फायर इंजीनियर सुमित चौधरी का कहना है कि सिस्टम ग्रेविटी से चालू था, क्योंकि लाइन कट जाने के बाद डीजी पर नहीं चला सकते हैं। अभी भी ग्रेविटी पर चालू है। इमरजेंसी में सभी को निकाला था। अफरातफरी में मीडिया कर्मियों को नहीं पहचान सके इसलिए किसी से धक्का-मुक्की हो गई होगी।

कांग्रेस और भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा- घटना की जांच होनी चाहिए

कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामपाल शर्मा ने आग लगने के मामले में अस्पताल प्रशासन की लापरवाही बताते हुए इसे सीज कर विस्तृत जांच की मांग करते हुए कलेक्टर काे पत्र दिया। शर्मा ने कहा कि अस्पताल प्रशासन की काेई भी व्यवस्था नहीं थी। काेराेना संक्रमण के दाैरान भी अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही बरती। उन्हाेंने पत्र में कई और बिंदूओ पर भी जांच कराने की मांग की। भाजपा जिलाध्यक्ष लादू लाल तेली पार्टी पदाधिकारियाें के साथ घटनास्थल पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियाें से घटना की जांच की मांग की।

सभी मरीज सही है, सबका उपचार जारी : सीएमएचओ
सीएमएचओ डॉ. मुश्ताक खान का कहना है आग लगने की सूचना पर तत्काल पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ ही आसपास के लाेग पहुंचे और मरीजों को शहर के अलग-अलग अस्पतालों में शिफ्ट किया। कृष्णा अस्पताल में भर्ती मरीजों को देख लिया और वहां मेडिकल टीम लगी हुई है। उनके डॉक्टर भी वहां काम कर रहे हैं। रामस्नेही अस्पताल में 3 मरीज पहुंचे, जिनमें दो न्यूरोलॉजी व एक कार्डियोलॉजी वाले हैं।

वहां के डॉक्टर ने चेक कर लिया है। स्वास्तिक हॉस्पिटल में भी दो मरीज पहुंचे हैं। डॉक्टरों ने पेशेंट को चेक किया है। कृष्णा हॉस्पिटल में बांगड़ हॉस्पिटल की टीम भी लगी हुई है। फिलहाल मरीजों का उपचार जारी है। 45 से 50 मरीजों को बाहर निकाला है। कंप्यूटर शटडाउन होने से उनकी लिस्ट नहीं मिली है। अब तक अस्पताल पहुंचे मरीज सकुशल हैं।



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