बिजली निगम की बिजली बिलाें और मीटर में गड़बड़ी की शिकायताें का सिलसिला थम ही नहीं रहा है। जिलेभर से लगातार नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। शहर के पानेरी उपवन इलाके के रिटायर्ड प्राे. अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि अगस्त माह में 25 हजार का बिल दे दिया गया। जाे रीडिंग के अनुसार भी नहीं है।
अकेले रहने वाले बुजुर्ग काे विभाग की लापरवाही के चलते सुधार के लिए दफ्तर के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस मामले पर मधुबन कार्यालय के एईएन एचपी शर्मा ने गलती मानते हुए कहा कि यह मानवीय भूल है। मीटर रीडर को गलती सुधार करने के लिए बोल दिया है। दैनिक भास्कर ने अपनी खबर में उपभोक्ताओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था। इसके चलते सुंदरवास निवासी कुसुम पुरोहित के घर का मीटर विभाग ने 5 महीने के बाद आखिर बदल दिया।
केस 1 : स्कूल में फिटिंग का काम भी पूरा नहीं हुआ, भेजा 4157 रुपए का बिल
जिले की हड़मतिया खुर्द स्कूल में आए बिजली के बिल ने स्टाफ को हैरान कर दिया है। कारण यह है कि स्कूल में लगे नए मीटर की रीडिंग शून्य होने के बाद भी निगम ने मासिक उपभाेग के नाम पर 4157 रुपए का बिल भेज दिया। संस्थाप्रधान महावीर प्रताप सिंह सिसाेदिया ने बताया कि कुछ समय पहले ही विभाग ने मीटर लगाया है, अभी स्कूल में फिटिंग का काम भी पूरा नहीं हुआ।
मीटर में उपभाेग भी शून्य दिखा रहा है फिर भी विभाग ने 3650 रुपए विद्युत खर्च सहित 4157 रुपए का बिल भेज दिया है। इस पर भबराना जेईएन सुरेश कुमार ने कहा कि इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। मैं संबंधित लाइनमैन को भेज कर पता करवाता हूं। समस्या हुई तो समाधान करवाया जाएगा।
केस 2 : कनेक्शन लिया ही नहीं फिर भी भेजा 1735 रुपए का बिल
टीड़ी. गिर्वा तहसील की बारा पंचायत के वांदरा फला में एक आदिवासी परिवार के पास बिना बिजली कनेक्शन के ही बिजली निगम जीरो रीडिंग का 1735 रुपए का बिल भेज दिया। पीड़ित फूला राम पुत्र नाथूलाल ने बताया कि उसका मकान कच्चा है इसलिए अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं लिया। बल्कि इसके लिए उसने कभी कोई आवेदन भी नहीं किया।
फिर भी निगम ने मीटर की रीडिंग शून्य बताते हुए 1735 रुपए का बिल भेज दिया। फूलाराम ने बताया कि बिल आने की जानकारी भी ग्रामीणों से ही मिली। इधर, बिजली की दराें में बढ़ाेतरी और बिलाें में गड़बड़ी के विराेध में गुरुवार काे जनता सेना, वाम दल सहित कई संगठनों ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Via Dainik Bhaskar https://ift.tt/1PKwoAf
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें