प्रदेश के अंदर कोरोना के भारी संक्रमण को देखते हुए तथा अस्पतालों के अंदर बेड की संख्या कम होने की स्थिति को देखते हुए सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। कई बड़े अस्पतालों पर सभी बेड फुल हो जाने के कारण यह व्यवस्था करनी पड़ रही है।

अब नई व्यवस्था के तहत निजी अस्पताल अपने निकट के किसी होटल को कोविड केयर सेंटर के रूप में अधिकृत कर सकेंगे लेकिन इसके लिए उनको संबंधित जिला कलेक्टर से मंजूरी लेनी होगी। उसके लिए सरकार द्वारा निर्धारित दर के अनुसार ही शुल्क लेना होगा।


प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में शनिवार को नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत जो गंभीर और अति गंभीर प्रकृति के मरीज है उन्हें अस्पताल के अंदर भर्ती करना जरूरी होगा और जो हल्के लक्षण या लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं ऐसे रोगियों को अस्पताल के पास के निकटवर्ती होटल में स्थापित कोविड केयर सेंटर में रखा जा सकेगा। अस्पताल को ऐसे एसिंप्टोमेटिक मरीजों को चिकित्सा सुविधा देने के लिए निगरानी की व्यवस्था करनी पड़ेगी और डॉक्टरों की टीम के राउंड लगवाने आवश्यक होंगे।

अस्पताल को ही करनी होंगी दवा सहित सभी व्यवस्थाएं
होटलों में स्थापित कोविड केयर सेंटर में चिकित्सकीय उपकरण, दवा, ऑक्सीजन सिलेंडर, हेल्पडेस्क, सीसीटीवी कैमरा आदि समुचित व्यवस्था अस्पताल को करनी होगी। सरकार की तरफ से होटल में स्थापित किए जाने वाले क्विड केयर सेंटर के लिए तीन प्रकार की शुल्क रखे गए हैं। हाई क्लास के लिए ₹5000 और टैक्स, मिडिल क्लास के लिए ₹4000 और टैक्स के लिए ₹3000 टैक्स देना होगा। यह भुगतान होटल को अस्पताल की तरफ से किया जाएगा। भर्ती रोगी अस्पताल की तरफ से भेजे जाएंगे।



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प्रदेश के अंदर कोरोना के भारी संक्रमण को देखते हुए तथा अस्पतालों के अंदर बेड की संख्या कम होने की स्थिति को देखते हुए सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था की है
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