दानपुर क्षेत्र में बीते दिनों हुई भारी बारिश से दानपुर क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में बारिश से सड़कें उखड़ गई तो पुल टूट गए। नदीं नालों के आसपास के किसानों की फसल चौपट हो गई। घोड़ी तेजपुर में भारी बारिश के बाद नदी पर बने पुल के उखड़ने के 20 दिनों बाद भी विभागीय अधिकारियों ने इसे पूर्ण रूप से ठीक करवाने की शुरुआत नहीं की। जबकि गत दिनों राज्यमंत्री बामणिया ने खुद मौके पर जाकर लोगों को जल्द राहत दिलाने का आश्वासन दिया था। टूटे पूल में एक तरफ नदी की गिट्टी डालकर विभाग ने काम की इतिश्री कर ली। नतीजतन वहां देर रात आने जाने वालों के लिए अभी भी खतरा बना हुआ है।
उखड़े पूल के एक तरफ की खड़ी दीवार की तरफ नदी की गिट्टी भरवा दी। लेकिन दूसरे भाग में जहां पानी से गड्डा बना हुआ था वहां वैसी ही हालात छोड़ दी, एक तरफ मिट्टी के डालने से लोगो के पैदल या दुपहिया वाहनों के आने जाने का रास्ता तो हो गया लेकिन वहां आज भी बड़े वाहन नहीं गुजर पाते। जबकि दानपुर से घंटाली, प्रतापगढ़, सालमगढ़ दलोट जाने का भी यह एकमात्र रास्ता है। इस रास्ते रोजाना इन गांवों के सैकड़ों लोगों का आना-जाना लगा रहता है। अभी मध्यप्रदेश में सोयाबीन की कटाई शुरू होने से यहां के लोग प्रतिवर्ष मजदूरी के लिए जाते हैं, लेकिन टूटे पुल के कारण वहां बड़ा वाहन नही जा पाता तो वे लोग कहीं काम पर भी नहीं जा सकते है।
गौरतलब है कि 30 अगस्त को दानपुर क्षेत्र में हुए भारी बारिश से पानी के उफान से घोड़ी तेजपुर नदी पर बना पुल दो जगह ढह गया। घटना के बाद 7 सितंबर को राज्यमंत्री बामणिया ने मौके का जायजा लेने पहुंचे तो स्थानीय ग्रामीणों ने क्षेत्र में बारिश से हुई तबाही पर आक्रोश जताया व जल्द राहत दिलाने, टूटे पूल को दुरुस्त करने की मांग भी की। राज्यमंत्री ने मौके पर ही सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को फटकार तक लगाई थी।
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