सांसद डाॅ. किरोड़ी मीणा ने सवाई माधोपुर स्थित एशिया की सबसे बड़ी सीमेंट फैक्ट्री का मामला राज्यसभा में उठाया। उन्होंने मांग की कि जयपुर उद्योग लिमिटेड की सारी देनदारियां समाप्त कर इसे फिर से चालू किया जाए। केंद्र एवं राज्य सरकार तथा मजदूरों ने करोड़ों रुपए छोड़ दिए थे।
सीमेंट फैक्ट्री को चलाने के लिए बीआईएफआर ने 21-7-1992 को पुनर्जीवित योजना एसएस-92 की स्वीकृति दे दी थी। इसके अनुसार प्लांट को 7 वर्ष के अंदर चलाना था, किंतु 28 वर्ष निकलने के बाद भी जीडीसीएल ने उद्योग चालू नहीं किया। आरबीआई के अनुसार कंपनी को पुनर्जीवित करने की योजना 7 वर्ष बाद स्वत ही समाप्त हो जाती है।
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